जिला अस्पताल में बच्चे का इलाज करते चिकित्सक।संवाद
संतकबीरनगर। मौसम में बदलाव और फास्ट फूड खाने से बच्चे डायरिया, पेट के इंफेक्शन व उल्टी दस्त से पीड़ित हो रहे हैं। डॉक्टरों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को चाऊमीन न खिलाएं और न ही दूषित स्थानों पर जूस व पानी पीने दें। डॉक्टरों के अनुसार तापमान बढ़ने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है। इससे पेट से जुड़ी बीमारी होना शुरू हो जाती है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से अधिक ओपीडी होती है। इसमें बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में मरीजों की भीड़ अधिक होती है। यहां बच्चों के पेट से जुड़ी बीमारियां अधिक आ रही हैं। ओपीडी में इलाज कराने आए श्याम शुक्ल ने बताया कि उनके चार वर्ष के बेटे के पेट में दो दिन से दर्द हो रहा है। इसकी वजह से वह रह-रह कर रोने लगता है। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने दवा लिखी है, और तीन दिन बाद फिर बुलाया है।
इसी तरह से सुमन, बबीता आदि भी अपने बच्चों को दिखाने पहुंची थीं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि बच्चों में डायरिया के साथ उल्टी-दस्त के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। शरीर में पानी कम होने पर यह बीमारी होती है। उन्होंने बताया कि बच्चों को फास्टफूड से दूर रखे। उन्हें चाऊमीन या दूषित जगहों पर जूस या पेय पदार्थ न पिलाएं। इससे बच्चों के पेट में इंफेक्शन होने का डर रहता है। धूप से बच्चों को बचाएं। अगर बाहर निकलते हैं, तो सिर को कपड़े से ढक लें। पानी खूब पिलाएं।
सीएमएस डॉ. महेश प्रसाद ने बताया कि गर्मी तेज होने की वजह से मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल आने वाले हर मरीज का इलाज किया जा रहा है। जो गंभीर होते है उन्हें भर्ती कर लिया जाता है।