संतकबीरनगर न्यूज
- जननी सुरक्षा योजना सहित इलाज की सुविधा को भी लगा ग्रहण
-नाथनगर सीएचसी से संबद्ध हरिहरपुर, रेवटा और सिकटहा पीएचसी का हाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर। नाथनगर सीएचसी से संबद्ध तीन पीएचसी केंद्रों पर बिजली न होने से लोगों की सेहत से जुड़े उपकरण धूल फांक रहे हैं। आलम यह है कि इन अस्पतालों पर चिकित्सा के संसाधन होते हुए भी लड़खड़ाई व्यवस्था ने जननी सुरक्षा योजना सहित अन्य चिकित्सा सेवा पर ग्रहण लगा दिया है।
हरिहरपुर, रेवटा और सिकटहा स्थित पीएचसी पर अब तक बिजली की सुविधा उपल्ब्ध नहीं हो सकी है। करीब छह साल से बनकर तैयार इन पीएचसी केंद्रों पर न तो चिकित्सक की तैनाती हो सकी है और न ही जननी सुरक्षा योजना से जुड़ी अन्य सेवाएं। अलबत्ता विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े चिकित्सा उपकरण केंद्रो पर धूल फांक रहे हैं। हर व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा सेवा मुहैया हो सके, इसके लिए प्रदेश सरकार ने प्रत्येक पीएचसी पर जननी सुरक्षा योजना के संचालन का फरमान भी जारी किया है। जिससे गंवों की महिलाओं को प्रसव के लिए दूर न जाना पड़े। इसके लिए सभी पीएचसी पर जरूरी स्वास्थ्य उपकरण मुहैया कराया गया है। जिसमें एक्वागार्ड, ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, आक्टोक्लेव सहित कई सहायक चिकित्सा उपकरण अस्पतालों पर भेजे गए हैं। हरिहरपुर पीएचसी से ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर सीएचसी नाथनगर पर मंगा लिया गया है। यह उपकरण मरीजों को आक्सीजन देने के काम आती है। वर्षों बीत गए, लेकिन किसी भी पीएचसी पर बिजली की सप्लाई नहीं शुरू हुई। यहां तक कि अस्पताल पर इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों के लिए पीने के पानी तक की सुविधा नहीं उपलब्ध हो सकी है। गर्मी के मौसम में बिजली न होने से अस्पताल पर तैनात कर्मचारियों और इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
हरिहरपुर, रेवटा और सिक्टहां पीएचसी पर विद्युत कनेक्शन के लिए अधीक्षक नाथनगर को निर्देशित किया जाएगा, जिससे कि वहां जल्द से जल्द बिजली उपलब्ध हो सके। जहां तक चिकित्सक की तैनाती का मामला है, जैसे चिकित्सक जिले को मिलेंगे, तैनात कर दिया जाएगा।
डॉ. अनिरुद्घ सिंह, सीएमओ