धनघटा। क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल योजना का बुरा हाल है। इंडिया मार्का हैंडपंप खराब हैं। ओवरहेड टैंक बंद पड़े हैं।अधिकांश गांवों में पाइपलाइन बिछा दी गई। इसके बावजूद लोगों के घरों में स्वच्छ पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे ग्रामीण जलजनित रोगों का शिकार बन रहे हैं। ऐसे में अधिक गर्मी पड़ने पर लोग शुद्ध पानी के लिए भटकते नजर आएंगे।
वर्ष 2011 में हुए सर्वे में यह बात सामने आई कि हैसर ब्लाॅक क्षेत्र के डुहिया कला, डुहिया खुर्द, रामपुर मध्य, डेबरी, हकीमपुर समेत 13 गांव पूर्व में अतिसंवेदनशील हैं। उक्त गांवों में सबसे अधिक लोग जलजनित रोगों का शिकार होते हैं। सरकार ने सभी गांवों में स्वच्छ पानी मुहैया कराने के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया। डुहिया गांव निवासी लालचंद ने बताया कि घरों तक स्वच्छ पानी नहीं पहुंचता।
पानी की पाइपलाइन जगह-जगह टूट जाने से रिसाव से सड़कों पर पानी फैलता है। ताल के किनारे बसे ग्रामीण प्रदूषित जल पीने को मजबूर हैं। इससे प्रति वर्ष दर्जनों की संख्या में लोग जलजनित रोगों टाइफाइड, मलेरिया, पीलिया आदि के शिकार बनते हैं।