- सरयू के जलस्तर में बढोतरी का क्रम जारी
- मंगलवार की शाम नदी का जलस्तर 79.100 मीटर पर पहुंचा
- मांझा में फसलें जलमग्न
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी है। बिड़हरघाट में मंगलवार की शाम नदी का जलस्तर 79.100 मीटर पर पहुंच गया और वह खतरे के निशान 79.400 को छूने को आतुर है। जलस्तर बढ़ने से गायघाट दक्षिणी समेत आधा दर्जन गांव बाढ़ से घिर गए हैं। संपर्क मार्ग पर पानी चढ़ रहा है।
तहसील प्रशासन बाढ़ को लेकर सतर्क हो गया है। तहसीलदार धनघटा योगेंद्र पांडेय मंगलवार को ढोलबजा व गायघाट दक्षिणी का दौरा कर स्थित का जायजा लिया। ग्रामीणों की सुविधा को लेकर अब तक छह नावें लगाई जा चुकी हैं। गायघाट दक्षिणी के सीवान में खरीफ की फसलें पानी में डूब गई हैं। इस बार भी बाढ़ से किसानों की कमर टूट गई। नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए निकटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर की रफ्तार कम जरूर हुई है लेकिन मांझा क्षेत्र में बाढ़ की स्थित बनी हुई है। गायघाट दक्षिणी, दौलतपुर, ढोल बजा, कंचनपुर, कठहा, सियर कला, छपरा मगर्वी, लोनियान टोला, आगापुर गुलरिहा, मदरा, आदि दो दर्जन गांवों के सीवान में बाढ़ का पानी फसल को जलमग्न कर चुका है। गायघाट दक्षिणी जाने वाले प्रमुख संपर्क मार्ग के डूबने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार अगर मार्ग डूबा तो आधा दर्जन गांवों का संपर्क कट जाएगा। ग्रामीण बाढ़ की आशंका को लेकर सहमे हैं।
तटबंध पर लगातार बना है नदी का दबाव
नदी का जलस्तर बढ़ने से तुरकौलिया स्थित एमबीडी तटबंध पर नदी का दबाव बना है। बिड़हर घाट पर बने शवदाह गृह व मंदिर की सीढ़ियों के निकट नदी की धारा टकरा रही है। गुलरिहा व खाले पुरवा गांव बाढ़ से घिरे है। गायघाट दक्षिणी निवासी जोखन निषाद, मिठाई, ईसदेव, राम वृक्ष, चन्द्रजीत, नागेंद्र, बंशु, कंसु आदि ने बताया कि पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर संपर्क मार्ग डूबा तो घरों में नदी का पानी घुस जाएगा।
नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निकटवर्ती गांवों की स्थिति पर निगाह रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार प्रभावित गांवों में नावें लगाई जा रही हैं। किसी गांव को किसी भी तरह का खतरा नहीं है।
- योगेंद्र पांडेय, तहसीलदार, धनघटा