- साढ़े 10 घंटे चली जांच, कारोबारी को लखनऊ ले गई टीम
- जांच टीम ने दुकान में डिजिटल रिकॉर्ड व अन्य अभिलेख खंगाले
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर के माली टोला स्थित कबाड़ कारोबारी की दुकान पर बुधवार को जीएसटी की इंटेलीजेंस टीम ने छापा मारा। सुबह आठ बजे पहुंची टीम ने शाम 6:30 बजे तक गहन जांच पड़ताल की। इसके बाद टीम कारोबारी को साथ लेकर लखनऊ रवाना हो गई। बताया जा रहा है कि पूर्व में तीन बार कबाड़ कारोबारी को नोटिस दिया गया था, नोटिस के बावजूद हाजिर नहीं होने पर इंटेलिजेंस टीम ने बुधवार को छापा मारा। हालांकि टीम में शामिल अफसरों और कर्मचारियों ने इस संबंध में कुछ भी बोलने से इनकार किया।
जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय के लखनऊ जोन के सीनियर ऑफिसर प्रदीप कुमार त्रिपाठी की अगुवाई में टीम शहर के माली टोला स्थित कबाड़ कारोबारी सत्यप्रकाश उर्फ सिपाही की दुकान पर सुबह आठ बजे पहुंची। अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस को भी बुला लिया। कारोबारी सत्यप्रकाश की मौजूदगी में दुकान में दाखिल हुई टीम कागजात की गहन जांच-पड़ताल में जुटी रही। दुकान में मौजूद कंम्प्यूटर में दर्ज डिजिटल रिकॉर्ड के साथ अन्य अभिलेखों की जांच की गई।
देर शाम टीम सत्यप्रकाश उर्फ सिपाही को साथ लेकर लखनऊ रवाना हो गई। इस दौरान जांच टीम ने कुछ भी बोलने से इनकार किया। वहीं, कारोबारी सत्यप्रकाश ने बताया कि पूर्व में जीएसटी का नोटिस मिला था, जिसका उन्होंने जवाब दे दिया था। हालांकि सूत्रों का कहना है कि कबाड़ कारोबारी को पूर्व में तीन बार नोटिस जारी किया जा चुका था लेकिन वह जवाब देने के लिए हाजिर नहीं हुए थे।
व्यापारी नेताओं का रहा जमावड़ा
जीएसटी इंटेलिजेंस टीम के छापा मारने की सूचना के बाद शहर के तमाम व्यापारी नेता और व्यापारी मौके पर पहुंच गए। व्यापारी नेता अमित जैन, श्रवण अग्रहरी, सतविंदर पाल उर्फ जज्जी, मुरली जायसवाल आदि ने जांच टीम से बात करने का प्रयास किया। हालांकि टीम में शामिल अफसरों ने व्यापारी नेताओं को कार्रवाई के संबंध में कोई खास जानकारी नहीं दी।
तीन महीने पहले घर और दुकान पर पड़ा था छापा
कारोबारी सत्यप्रकाश के प्रतिष्ठान और घर पर सीजीएसटी की टीम ने 20 मार्च को भी छापा मारा था। उस समय अधिकारियों ने बताया था कि जीएसटी से संबंधित एक अन्य छापेमारी में सत्यप्रकाश का नाम सामने आया था, जिसके आधार पर पूछताछ की गई थी साथ ही कागजात भी चेक किए गए थे। टीम ने करीब आठ घंटे तक कारोबारी व उनके परिजनों से पूछताछ और जांच-पड़ताल की थी।