संतकबीरनगर। पंचायती राज विभाग ने ग्राम सचिवालयों का निर्माण कर प्रधानों को सारा काम कंप्यूटर से करने का निर्देश तो दे दिया, लेकिन ग्राम सचिवालय में न तो कंप्यूटर लगाए गए और न ही इंटरनेट कनेक्शन दिया गया। सरकारी मद से कंप्यूटर और फर्नीचर की खरीदारी करके प्रधान अपने घरों में रखे हुए हैं। बदले में प्रधान अपना सारा काम साइबर कैफे से करा रहे हैं। ग्राम सचिवालय में कार्य करने के लिए नियुक्त किए गए पंचायत सहायक काम करने के अवसर का इंतजार कर रहे हैं।
विकास खंड हैंसर बाजार के बकौली कला, नावन खुर्द, प्रजापति पुर, गोपीपुर, बैकुंठपुर, कटेया, सुरैना समेत 80 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। इसी तरह विकास खंड पौली के शनिचरा बाजार, रानीपुर, दूल्हापार, बुजुर्गवार, मुठही कला, मुडाडीहा, बरगदवा, मझौरा समेत 48 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ ही पंचायत सहायकों की नियुक्ति कर दी गई। सभी ग्राम पंचायत में कंप्यूटर, फर्नीचर समेत अन्य उपकरणों की खरीदारी भी कर ली गई, लेकिन मजे की बात यह है कि ग्राम सचिवालयों में कंप्यूटर रखने की जगह चोरी होने की आशंका व्यक्त करके ग्राम प्रधान उन्हें अपने घरों में रखे हुए हैं।
सभी ग्राम सचिवालय को इंटरनेट कनेक्शन से जोड़े जाने की योजना भी पंचायत विभाग ने बनाई, लेकिन किसी भी सचिवालय में इंटरनेट कनेक्शन नहीं दिया गया है। ग्रामीण राम दुलारे, अर्जुन राय, शिवमूरत मौर्य, मोतीलाल, जय हिंद आदि का कहना है कि ग्राम सचिवालय से परिवार रजिस्टर की नकल के साथ ही सरकार के जरिये संचालित योजनाओं का लाभ मिलना था। ग्राम सचिवालय गांव में शोपीस बनकर रह गए हैं।
प्रधान ग्राम पंचायत की कार्य योजना साइबर कैफे पर फीड कराते हैं। भुगतान के लिए डोंगल लगाने ब्लॉक से लोग जाते हैं और प्रधान के घर रखे कंप्यूटर को ग्राम सचिवालय लाकर डोंगल लगा देते हैं। उसके बाद कंप्यूटर प्रधान के घर चला जाता है।
इस संबंध में एडीओ पंचायत गजानन पाल का कहना है कि ग्राम सचिवालय को इंटरनेट कनेक्शन से जोड़े जाने की प्रक्रिया चल रही है। कंप्यूटर सभी पंचायत भवनों में ही रखने का आदेश ग्राम पंचायत अधिकारी और प्रधान को दिए गए हैं। अगर कोई प्रधान कंप्यूटर घर में रख रहा है तो यह गलत है। पता करके कार्रवाई की जाएगी।