संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। ज्यादातरर सरकारी कार्यालय जर्जर भवन में संचालित हो रहे हैं। इन भवनों के प्लास्टर गिरते हैं तो कर्मचारी सहम जाते हैं। इनको अक्सर हादसे का डर सताता रहता है। हालांकि अभी तक इन कार्यालयों को नए भवन में शिफ्ट करने की योजना अभी तक नहीं बन सकी है।
पुरानी तहसील में चलता है जिला पूर्ति
पुराना तहसील भवन जर्जर हो गया था। नए भवन में स्थानांतरित हो गई। परिसर के पुराने भवन का कुछ हिस्सा गिरने के कगार पर हैं। इसके बाद भी परिसर के एक हिस्से में जिला पूर्ति कार्यालय संचालित किया जा रहा है। इन भवनों के प्लास्टर गिरते है तो कर्मचारी सहम जाते है। इनकी कई बार मरम्मत हुई, लेकिन यह भवन उसी तरह है।
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निष्प्रयोज्य भवन में चल रहा डूडा कार्यालय
पुरानी तहसील के निष्प्रयोज्य भवन में पहले एसडीएम कार्यालय संचालित होता था। उनका कार्यालय नए तहसील में जाने के बाद भवन में डूडा कार्यालय स्थापित कर दिया। डूडा जहां लोगों ने नए भवन देता है वही उसका खुद का भवन निष्प्रयोज्य है। इसकी कई बार मरम्मत हुई, लेकिन दशा नहीं सुधरी। बारिश के दिनों में इसकी छत टपकती है और परिसर में पानी भर जाता है।
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60 साल पुराना है विपणन कार्यालय
जिला विपणन कार्यालय मोती चौराहा पर संचालित होता है। यह भवन करीब 60 साल पुराना है। इसका मरम्मत तक नहीं हुआ।जिला विपणन अधिकारी समेत अन्य कर्मचारी बैठकर जिले में धान और गेंहू खरीद की जिम्मेदारी निभाते है। विभाग को अभी तक नया कार्यालय नहीं मिल सका है। यहां पर काम से आए दिलीप कुमार, संजय पांडेय ने बताया कि धान खरीद से संबंधित जानकारी लेने आए थे। यह कार्यालय काफी जर्जर हालत में है। इसमें घुसने पर ही डर बना रहता है।
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होम्योपैथिक अस्पताल भी बदहाल
सीएचसी परिसर में एक पुराने भवन में जिला होम्योपैथिक अस्पताल चलता है। इसी में राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल भी संचालित होता है। एक कमरे में दोनों अस्पताल चलते है। भवन भी काफी पुराना है। छत की मरम्मत कराई जा चुकी है, लेकिन फिर भी बारिश में सीलन आ जाती है। यहां पर प्रतिदिन 80 से 90 मरीज इलाज के लिए आते है। एक साल पूर्व इस अस्पताल को जिला अस्पताल में शिफ्ट किया जाना था, पर आज तक उसे शिफ्ट नहीं किया जा सका।
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जो सरकारी भवन जर्जर हाल में है। उसके लिए जल्द ही पहल की जाएगी। पत्रावलियों को मंगाकर देखा जाएगा अगर उनके लिए अगर जमीन आवंटित है तो भवन बनवाने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।
महेंद्र सिंह तंवर, डीएम