मेंहदावल। क्षेत्र के इमलीडीहा निवासी कौशल त्रिपाठी के खिलाफ पुलिस ने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) न्यायालय ने उन्हें नोटिस जारी कर 17 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है।
एडीएम न्यायालय से जारी नोटिस के अनुसार कौशल त्रिपाठी निवासी ग्राम इमलीडीहा, थाना मेंहदावल के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित चार मुकदमे दर्ज हैं। इन्हीं मामलों के आधार पर उन्हें गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में कहा गया है कि उनके कृत्यों से क्षेत्र में भय और आतंक का वातावरण है तथा लोग उनके खिलाफ गवाही देने से डरते हैं। न्यायालय ने निर्देश दिया है कि यदि वह 17 जुलाई को सुबह 10 बजे उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण नहीं देते हैं, तो उनके विरुद्ध एकतरफा कार्रवाई करते हुए गुंडा एक्ट के तहत आदेश पारित किया जा सकता है।
उधर, नोटिस मिलने के बाद खुद को विहिम किसान मोर्चा का जिला महामंत्री बताने वाले कौशल त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे राजनीतिक द्वेष और प्रशासन की गलत कार्रवाई बताया है।
मेंहदावल के प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि कौशल त्रिपाठी के खिलाफ पूर्व से प्राथमिकी दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उनके कार्यकाल से पहले की गई है, इसलिए इससे अधिक जानकारी उन्हें नहीं है।
चुनावी रंजिश में दर्ज कराई गई प्राथमिकी
कौशल त्रिपाठी का कहना है कि ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान राजनीतिक रंजिश के चलते तत्कालीन ग्राम प्रधान की ओर से उनके खिलाफ फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराए गए। उनका दावा है कि ग्राम पंचायत चुनाव से पहले उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। उन्होंने कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं, जिसकी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि वह न्यायालय में अपना पक्ष रखेंगे और कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
कोट
कौशल तिवारी हमारे संगठन विश्व हिन्दू महासंघ अथवा कृषि प्रकोष्ठ में किसी पद पर नहीं हैं। संगठन से उनका कोई संबंध नहीं है।
दिनेश चौबे, जिलाध्यक्ष, विहिम