धनघटा। नगर पंचायत हैंसर बाजार के धनघटा वार्ड में बाबा दानी नाथ शिव मंदिर प्रांगण में चल रहे गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन सुबह के समय हवन कुंड में आहुतियां डाली गई। शाम के समय दीपदान के बाद प्रज्ञा पुराण का श्रवण श्रोताओं ने किया।
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार से आए टोली नायक राजकुमार भृगु ने कहा कि सत्कर्म सुख की कुंजी है व पाप दुख का भंडार। सत्कर्म करने वाला परमात्मा को प्रिय हो जाता है और जीवन में दुखों से छुटकारा पा जाता है। व्यक्ति को सदैव सतर्क होकर सत्कर्म करना चाहिए। कर्मयोगी पुरुष किसी भी साधु संत महात्मा से कम नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि सत्कर्म करने वाले का परमात्मा की दृष्टि में वही महत्व हो जाता है जो सिद्ध संत का होता है। संवाद