सेमरियावां। जनगणना लगे प्रगणक घर-घर पहुंच पहुंच रहे हैं। लोगों से वह 33 सवाल कर रहे हैं। मसलन घर में टीवी है, कमरे कितने हैं। घर में स्कूटी, बाइक व कार है...। प्रगणक लोगों से इसी तरह के सवाल पूछकर पोर्टल पर जवाब अपलोड कर रहे हैं।
सवालों का जवाब हासिल करने में प्रगणकों को बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। लोग पहले क्या लाभ मिलेगा यह पूछ रहे हैं। क्या सरकार, आवास, शौचालय देने के लिए सर्वे कर रही है, तमाम तरह की बातें प्रगणकों से गांव वाले पूछ रहे हैं।
सेमरियावां ब्लाॅक के 113 ग्राम पंचायतों के 190 राजस्व गांव में 460 प्रगणक ब्लाॅक में 428 प्रगणक 76 सुपरवाइजरों को लगाया गया है। प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की गणना व मकान सूचीकरण का कार्य कर रहे हैं। जनगणना-2027 के पहले चरण में 21 मई तक ऑनलाइन स्व-गणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 22 मई से स्व-जनगणना से चूकने वाले लोगों को घर-घर पहुंचकर जनगणना कर्मियों के सवालों के जवाब देने पड़ रहे हैं।
घर-घर जा रहे प्रगणक घर के मुखिया से पूछ रहे हैं कि घर में कितने कमरे हैं, टीवी कौन सा है। ऐसे में कई लोग तो जवाब देने में हिचकिचा रहे हैं। उल्टे प्रगणकों से तरह-तरह के सवाल किए जा रहे हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने वाले परिवारों को प्रगणक के आने पर केवल अपनी एसई आईडी दिखानी होगी।
22 मई से घर-घर सर्वे अभियान शुरू हो चुका है। इस दौरान प्रगणक प्रत्येक परिवार से सीधे जानकारी कर रहे हैं। जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और नागरिकों के सहयोग से ही सही व सटीक आंकड़े तैयार हो सकेंगे। जनगणना में स्व-गणना के बाद अब मकानों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। प्रगणक घर-घर जाकर लोगों से जरूरी जानकारी जुटा रहे हैं और मकानों पर नंबर डाल रहे हैं।
प्रगणकों को जनगणना का कार्य करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। प्रगणकों ने बताया कि घर पर पहुंचने पर लोगों के उल्टे सवालों का जवाब देना पड़ रहा है। जनगणना कार्य में मकान गणना व मकान सूचीकरण से संबंधित सवालों के जवाब लोग बहुत गैर जिम्मेदार तरीके से दे रहे हैं, जिससे प्रगणकों को परेशानी के साथ उनका समय भी बर्बाद होता है।
इधर जिम्मेदार अधिकारी 20 जून तक पूरा करने वाले जनगणना कार्य को दो दिन में पूर्ण करने का दबाव दे रहे हैं। साथ ही नोटिस देने की चेतावनी दी जा रही है।
0000
यह सवाल पूछे जा रहे
घर का नंबर, जनगणना का नंबर, घर की छत, फर्श कैसी, परिवार का क्रमांक, मुखिया का नाम, मकान का स्वामित्व, उपलब्ध कमरों की संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल के मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता कितने निकट, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की स्थिति, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी किससे जुड़ी है, परिसर के अंदर स्नान की सुविधा है या नहीं, रसोई घर में एलपीजी, पीएनजी अथवा अन्य सुविधा, रेडियो, मोबाइल, स्मार्टफोन की स्थिति सहित 33 सवाल पूछे जा रहे हैं।