संतकबीरनगर। इस बार बृहस्पतिवार को प्रदोष व्यापिनी अमावस्या के विशेष मुहूर्त में सुख-समृद्धि की देवी मांग लक्ष्मी की पूजा होगी। इसके लिए लोगों ने घरों को आकर्षक ढंग से सजाया है। धर्माचार्य की मानें तो शाम 6.11 से रात 8.15 बजे बीच पूजा करने का समय उत्तम है। समय माता मंदिर के पुजारी पंडित ब्रजेश मिश्र ने बताया कि पक्ष पंद्रह दिन का है, जो कि मंगलकारी है। इस पक्ष में सप्तमी तिथि का क्षय हो गया है। नवमी तिथि की वृद्धि हो गई है। प्रदोष काल एवं रात्रि में अमावस्या तिथि मिलने के कारण दीपावली पर्व 31 अक्तूबर बृहस्पतिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मध्याह्न 3:11 बजे अमावस्या की तिथि लग जाएगी, जो प्रदोष व्यापिनी अमावस्या कहलाएगी। इसी दिन गणेश, लक्ष्मी, कुबेर, हनुमान का पूजन विधि पूर्वक किया जाएगा।