शंकरपुर में कथा सुनाते वरुणा चार्य
रोसयाबाजार। ब्लॉक क्षेत्र के शंकरपुर (बक्शी जोत) में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान में अवध धाम से पधारे संत वरुणाचार्य ने श्रोताओं को भगवान राम और कृष्ण जन्म सहित ईश्वर के कई जन्म के प्रसंगों का रसपान कराया।
उन्होंने कहा कि जब-जब भक्तों और संतों पर संकट आया तो उनकी रक्षा के लिए भगवान को अवतार लेना पड़ा। भक्त प्रहलाद की कथा सुनाते हुए कहा कि उनके पिता हिरणाकश्यप ने भक्त प्रहलाद को अनेक प्रकार के कष्ट दिए। अंत में भगवान ने भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए एक निर्जीव खंभे को फाड़कर नरसिंह भगवान का अवतार लिया और हिरणाकश्यप का वध किया।
उन्होंने वामन अवतार, रामकथा, कृष्ण जन्मोत्सव की कथा भी सुनाई। इस दौरान नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की भजन गाया तो सभी लोग जमकर थिरके। कथा के अंत में आरती के बाद सभी को प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर अनंतलाल, संतलाल, रामबाबू, राम सहाय, धर्मवीर, राहुल अग्रहरि, सुनील कुमार, बबलू, प्रहलाद, रामवृक्ष, सत्यनारायण, जितेंद्र कुमार, श्रीराम, रामसूरत आदि मौजूद रहे।