शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म
सिपाही बनने के बाद कर दिया इन्कार
सहेली से नंबर लेकर मोबाइल फोन पर बढ़ाया था संपर्क, केस दर्ज करने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सहेली से मोबाइल फोन नंबर हासिल कर युवक ने युवती से संपर्क बढ़ाया। शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध भी बनाए। उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पद पर युवक की भर्ती होने के बाद उसके परिजनों ने दहेज में 15 लाख रुपये की मांग की। युवक भी शादी करने से मुकर गया। सीजेएम महेंद्र कुमार सिंह ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने का आदेश कोतवाली पुलिस को दिया है।
अधिवक्ता रमेश तिवारी ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय युवती ने न्यायालय में आवेदन दिया। आरोप लगाया कि महुली क्षेत्र का रहने वाला 23 वर्षीय युवक उसकी सहेली से उसका मोबाइल फोन नंबर हासिल कर लिया। पहले पढ़ाई की बातें करता था। बाद में मिलने के लिए बुलाने लगा। युवक ने कहा कि वह उससे शादी करना चाहता है। उसके पिता युवक के घर शादी की बात करने गए। युवक के पिता शादी के लिए राजी हो गए। इस बीच उसकी नौकरी उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पद लग गई।
युवती का आरोप है कि युवक के माता-पिता ने कहा कि 20 लाख रुपये दहेज मिल रहा है। दहेज में 15 लाख रुपये चाहिए। उसके पिता ने इनती बड़ी रकम दहेज में देने में असमर्थता जताई। आरोप है कि युवक के परिवार वालों ने युवती की शादी दूसरी जगह खोज लेने की सलाह दी। आरोप है कि पीड़ित पिता को घर से खदेड दिया। आरोपी ने कहा कि वह बिना दहेज की शादी करेगा। आरोप है कि दो सितंबर 2022 को युवक ने फोन कर उसे तामेश्वरनाथ मंदिर पर बुलाया और कोर्ट मैरिज करने की बात कही। बाद में टाल मटोल करने लगा। युवती एक नवंबर को युवक के घर गई। युवक व उसके घर वाले शादी से इन्कार कर दिया।
महुली थाने पर प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रजिस्टर्ड डाक से एसपी को सूचना दी, लेकिन युवक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने थाने से रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में शादी न होने का कारण अलग-अलग जाति का होना बताया गया।