फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sant Kabir Nagar News: कोहरे ने रोकी वाहनों व ट्रेनों की रफ्तार

विज्ञापन
ठंड की वजह से खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर पसरा सन्नाटा।संवाद - फोटो : KHALILABAD
विज्ञापन
कोहरे ने रोकी वाहनों व ट्रेनों की रफ्तार
विज्ञापन

देरी से चली छह ट्रेनें, परेशान हो रहे यात्री
दिनभर नहीं हुए सूरज के दर्शन, छाई रही धुंध
संतकबीरनगर। ठंड का सितम बना हुआ है। 24 घंटे में अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हुई, लेकिन न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस पर बरकरार रहा। सुबह घना कोहरा छाया रहा। इससे वाहनों की रफ्तार थम गई। छह ट्रेनें भी देर से चल रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हुए।
सोमवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार को अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस पर बना रहा। सुबह घना कोहरा छाया रहा है। स्थिति यह रही कि कुछ देरी पर भी दिखाई नहीं पड़ रहा था। हाईवे से लेकर अन्य मार्गों पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही।
विज्ञापन

ट्रेनों की आवाजाही पर भी कोहरे का असर पड़ रहा है। दिल्ली से सहरसा जाने वाली वैशाली डाउन एक्सप्रेस सात, डाउन आम्रपाली एक्सप्रेस साढ़े पांच, डाउन गोरखधाम एक्सप्रेस चार, डाउन अवध एक्सप्रेस दो, डाउन गोरखपुर सुपर फास्ट एक्सप्रेस ढाई तथा डाउन मथुरा-छपरा एक्सप्रेस दो घंटे 40 मिनट की देर से चल रही है।
कड़ाके की ठंड के कारण लोग सुबह दस बजे तक घरों में रहने को मजबूर हैं। कई दिनों से मौसम की मार झेल रहे लोगों के कपड़े तक नहीं सूख रहे हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आरपी राय ने बताया कि ठंड के मौसम में बचाव जरूरी है। बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकले। हमेशा गर्म कपड़े पहने। बच्चों व बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दें। किसी प्रकार की दिक्कत होने पर चिकित्सक के पास जरूर जाएं।
...
कोट
ठंड से बचाव के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। रैन बसेरा सक्रिय हैं। निर्देश दिए गए हैं कि रात के समय में कोई भी व्यक्ति फुटपाथ न रहे। जरूरतमंदों को कंबल भी दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन

-मनोज कुमार सिंह, एडीएम
कंबल के लिए मिला बजट
संकबीरनगर। प्रशासन को कंबल के लिए तो बजट मिला है, लेकिन अलाव के लिए अभी इंतजार करना होगा।
शासन से पहले तीनों तहसीलों को कंबल खरीद करने के लिए 15 लाख रुपये और अलाव के लिए डेढ़ लाख का बजट मिला था। बाद में कंबल के लिए पांच लाख का बजट और मिला। इसके बाद प्रशासन की ओर से कंबल और अलाव के लिए बजट की मांग की गई। शासन ने कंबल के लिए 13 लाख रुपये दे दिए, लेकिन अलाव के लिए बजट नहीं मिल पाया है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें