जयपुर ले जाकर किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म
- तहरीर के बाद भी पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, पिता ने कोर्ट की ली शरण
- कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर मामले की जांच में जुटी पुलिस
बखिरा। करीब डेढ़ माह पूर्व क्षेत्र की किशोरी को भगा कर गांव का युवक जयपुर ले गया, जहां तीन युवकों ने किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी को भगाने में मुख्य आरोपी की मां और उसकी बहनों ने मदद की। ऐसा आरोप मढ़ते हुए पीड़ित पिता ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शुक्रवार को तीनों युवकों समेत छह के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।
पीड़ित पिता राजगीर हैं। आरोप है कि 16 जून की शाम को पिता मौसेरे भाई के साथ काम के सिलसिले में लखनऊ चले गए थे। उसी दिन गांव में आर्केस्ट्रा देखने रात में उसका बेटा चला गया था। घर पर पत्नी व उसकी 17 वर्षीय बेटी सो रही थी। रात साढ़े बारह बजे गांव का आरोपी युवक अपने साथी के साथ घर में घुस गया। आरोप है कि उसकी बेटी को खींचकर बाहर ले जाने लगा। उसी दौरान उसका बेटा भी घर पहुंच गया। बेटे को देख कर आरोपी भागने लगे, जिन्हें पकड़ने के लिए बेटे ने दौड़ाया, लेकिन उसी बीच आरोपी की मां व उसकी दो बहनें पहुंच गईं। उसकी बेटी का मुंह कपड़े से बांधकर अपने घर उठा ले गईं और एक कमरे में बंद कर दिया। सूचना मिलने पर उसने घर आकर बेटी की तलाश की। घटना की सूचना थाने पर और एसपी को दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच आरोपी उसकी बेटी को जयपुर ले गया और एक कमरे में बंद कर दिया। आरोप है कि गांव के तीन युवकों ने अपने कुछ अज्ञात दोस्तों के साथ उसकी बेटी से सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस का दबाव पड़ने पर 28 जून को आरोपी का एक रिश्तेदार उसकी बेटी को खलीलाबाद बाईपास पर लाकर छोड़ दिया। सूचना पर बखिरा चौकी इंचार्ज बेटी को खलीलाबाद से लाए और परिजनों को सौंप दिया। पुन: कार्रवाई के लिए थाना बखिरा व एसपी को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जिससे आरोपियों का मनोबल बढ़ गया। उसे मजबूरन कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। एसओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि किशोरी का अपहरण कर ले जाने और उससे सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में तीन नामजद युवक और मुख्य आरोपी की मां और दो बहनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा, आगे कार्रवाई की जाएगी।