घाघरा का जलस्तर बढ़ने से 38 गांवों पर मंडराने लगा खतरा
- तुर्कवलिया में खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर नीचे रह गई नदी
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। अब तक के सभी रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए घाघरा नदी पिछले 48 घंटे में 78 .90 सेंटीमीटर पर पहुंच गई। नदी अब खतरे के निशान से मात्र 45 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। पानी बढ़ने से बोई हुई फसलों को डूबाकर नदी एमबीडी बांध से सटकर बहने लगी है। लोगों का कहना है कि नदी के जलस्तर में इसी तरह बढ़ोत्तरी जारी रही तो वह बुधवार की रात खतरे के निशान को पार कर जाएगी। जिससे नदी और बांध के बीच बसे गांवों में पानी घुस जाएगा।
रविवार से घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हुई तो थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले 48 घंटे में 90 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नदी का पानी बढ़ने के कारण एमबीडी बांध से दक्षिण स्थित फसल जलमग्न होती जा रही है। जो किसान दो दिन पहले पानी को फायदेमंद बता रहे थे वह अब फसल नष्ट होने की आशंका से परेशान है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष नदी के जलस्तर में दो बार बढ़ोतरी हुई, लेकिन इतना असर नहीं रहा। नदी में आई बाढ़ से गायघाट, गुनवतिया, चकदहा, ढोलबजा, सरैया, खरैया समेत 38 गांव के लोग सहम गए है। उनका कहना है कि इसी तरह की बढ़ोतरी हुई तो बुधवार की शाम या वृहस्पतिवार की सुबह तक घर से पलायन करने की नौबत आ जाएगी। तुर्कवलिया नायक में स्थित माप केंद्र कर्मी ने बताया कि नदी का जल स्तर 78. 90 सेंटी मीटर पर पहुंच गया है।