तुर्कवलिया नायक गांव के पास एमबीडी बांध का निरीक्षण करते सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता।
- डेढ़ किलोमीटर की दूरी में बांध है कमजोर, मरम्मत में जुटा सिंचाई विभाग
संवाद न्यूज़ एजेंसी
संतकबीरनगर। घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी भले ही कम हो, लेकिन नदी ने एमबीडी बांध पर धीरे ही सही, दबाव बनाना शुरू कर दिया है। तुरकौलिया नायक गांव के सामने डेढ़ किलोमीटर की लंबाई में बांध की हालत ठीक नहीं है। अब जब बांध पर खतरा दिखने लगा है तो सिंचाई विभाग ने बांध के बचाव का उपाय शुरू किया है। बुधवार को विभाग के अधिशासी अभियंता ने मौके पर पहुंचकर मातहतों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
घाघरा नदी की बाढ़ को रोकने के लिए धनघटा तहसील क्षेत्र में करीब 32 किलोमीटर बांध का निर्माण किया गया है। नदी वर्ष 2013 में तुरकौलिया नायक के पास एमबीडी बांध को काटकर 200 से अधिक गांव में जहां तबाही मचा चुकी है। वहीं भिखारीपुर, तुरकौलिया गांव के 80 परिवार नदी की कटान से बेघर होकर रम जंगला में आकर अपना नया ठिकाना बनाकर रह रहे हैं। इसके बावजूद सिंचाई विभाग समय रहते सचेत नहीं होता है। इसका खामियाजा बरसात के महीने में भारी-भरकम रकम खर्च करके सरकार को भुगतना पड़ता है।
तुरकौलिया नायक गांव के सामने किलोमीटर 950 से 1100 तक बांध जर्जर हो चुका है। नदी के जलस्तर में अभी मामूली बढ़ाव है। इसके बावजूद कमजोर स्थान पर पानी का दबाव बांध पर पड़ने लगा है। संभावित खतरे को देखकर सिंचाई विभाग ने खतरे को टालने के लिए बचाव का इंतजाम शुरू कर दिया है। बुधवार को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विजय कुमार मौके पर पहुंचे और बांध के बचाव के लिए किए जा रहे इंतजार का जायजा लिया।
उन्होंने मातहतों को निर्देश देते हुए कहा कि कमजोर प्वाइंट पर समय से पहले बांध को पूरी तरह से सुरक्षित कर दिया जाए।