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Sant Kabir Nagar News: प्यार के कटोरे में गंगा का पानी, इस जमीं पर लिखनी है प्यार की कहानी

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मगहर महोत्सव में कविता पाठ करती डाक्टर सरिता शर्मा।
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मगहर। कबीर मगहर महोत्सव में बृहस्पतिवार की रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व कुलहिंद मुशायरे का आयोजन किया गया। जिसकी निजामत अंतरराष्ट्रीय शायर नदीम फर्रूख व अध्यक्षता मशहूर कवि डाॅक्टर सुरेश ने की। यह मुशायरा व कवि सम्मेलन देर रात तक चलता रहा। श्रोता कवियों और शायरों की प्रस्तुतियों पर झूमते रहे।
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संचालन करते हुए नदीम फर्रुख ने कुंवर जावेद को आवाज दी। जिन्होंने इस शेर के साथ ‘सूरज हूं मुझे किसी साये का डर नहीं है, ये देश मेरा घर है किराये का नहीं है’ और ‘कोई हिंदुत्व कि इस्लाम न पूछा जाए, मरने के बाद का अंजाम न पूछा जाए, मेरे आंखों में है वतन की खुशबू, कौन हूं मेरा नाम न पूछा जाए’ सुनाकर श्रोताओं का वाहवाही लूटी। कवि कुंवर सचिन सिंह ने ‘अब और कैसे प्यार जताऊं मैं, क्या सीना फाड़कर दिखाऊं मैं’ सुनाया। अंतरराष्ट्रीय शायर नदीम फर्रुख ने ‘जिंदगी दी है तो जीने का हुनर भी देना, अब बोलूंगा तो बातों में असर भी देना’। कवि डाॅक्टर सौरभ कांत शर्मा ने है ‘राष्ट्र बड़ा सारे ही धर्मो को छोड़कर। जीवन है सतत धारा विश्राम ढूढता हूं। इसके बाद शायर डाक्टर कलीम कैसर ने ‘पास कुछ है भी नहीं कहने को मुख्तार हैं हम, किस कदर दोहरी अज़ीयत में गिरफ्तार हैं हम’ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
प्रसिद्ध हास्य कवि गजेंद्र प्रियांशु ने ‘इतने निर्मोही कैसे सजन हो गए, किसी की बाहों में जाकर मगन हो गए’ और अंतरराष्ट्रीय शायर मंजर भोपाली ने ‘मोहब्बतों के चिरागों की जिंदगी कम है, दिया जलाओ की दुनिया में रोशनी कम है’ सुनाया। सम्मेलन में कवि महेश श्रीवास्तव, शायर कवि रूदौलवी, शायरा डाॅक्टर सबा बलरामपुरी, हास्य कवि सर्वेश अस्थाना, पवन सबा, डाॅक्टर सरिता शर्मा, कवि डाक्टर विष्णु सक्सेना ने कविताएं सुनाईं।
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इस दौरान एमएलसी संतोष सिंह, सीडीओ जयकेश त्रिपाठी, पूर्व चेयरमैन नुरुज्जमा अंसारी, सभासद मेंहदी हसन, अवधेश सिंह, सुधीर श्रीवास्तव, परवाज अहमद व अन्य मौजूद रहे।
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