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गायघाट हत्याकांड : प्रधान और उसके दो बेटों समेत पांच आरोपी गिरफ्तार

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लोहरैया। धनघटा थाना क्षेत्र के गायघाट गांव में रविवार को युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार को प्रधान और उसके दो पुत्रों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
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थाना प्रभारी दिलीप सिंह ने बताया कि गायघाट निवासी युवक अनिल कपूर की हत्या लाठी-डंडों से पीटकर की गई थी। इसमें मृतक के चाचा ने प्रधान और उसके दो पुत्रों समेत आठ नामजद और 5-6 के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। मंगलवार को सुबह 10:30 बजे क्षेत्र के कटार मिश्र पुल के पास से सनी, बब्बी, प्रधान तूफानी निषाद, कमलेश, सचिन को पकड़ लिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि बरात विदाई के दौरान विवाद हुआ था। इसमें आरोपी अनिल कपूर की हत्या कर दी गई थी।
उन्होंने बताया कि शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



नौ आरोपी पुलिस पकड़ से दूर, घर छोड़कर हुए फरार
धनघटा। गायघाट में हुई युवक की हत्या के मामले में अभी भी नौ आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। उनकी तलाश में पुलिस ने सोमवार की रात कई जगह छापामारा, लेकिन वह हाथ नहीं लग सके। प्रधान समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस अभी तक कामयाब हुई है।
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रविवार को गायघाट गांव में हुई घटना के बाद स्थिति सामान्य होने लगी है। गांव में सन्नाटा पसरा है। आरोपी पक्ष के लोगों के घरों पर ताला बंद है, तो पीड़ित पक्ष के लोग कामकाज निपटाने में जुटे हैं। गांव में पुलिस का पहरा है। थाना प्रभारी दिलीप सिंह का कहना है कि वांछित आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है। जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।


प्रधान की भूमिका पर सवाल उठा रहे लोग
धनघटा। रविवार के शाम क्षेत्र के गायघाट पूर्वी गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक युवक की मौत के बाद गांव के लोग प्रधान की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि प्रधान ने यदि अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सही ढंग से किया होता तो शायद इतना बड़ा विवाद नहीं होता और न ही युवक की जान जाती।

मंगलवार को गांव में सन्नाटा तो पसरा रहा, लेकिन पुलिस भी मुस्तैद रही। हालांकि पुलिस ने रात में किसी के घर दबिश नहीं दी। वारदात के संबंध में पीड़ित पक्ष के लोगों का कहना है कि इसके लिए प्रधान और उनके बेटे जिम्मेदार हैं। जिस समय घटना हुई उस समय प्रधान योगेंद्र के घर मौजूद थे। साथ ही उकसाने का भी काम किया। आरोप है कि प्रधान की छवि पहले भी साफ-सुथरी नहीं रही है। गांव वालों ने बताया कि जब विवाद की शुरुआत हुई तो उसी समय प्रधान यदि दोनों पक्ष के लोगों को समझाकर अलग देते तो शायद बवाल टल जाता। गांव वालों का कहना है कि जिस युवक की हत्या हुई वह जल्द ही हिमाचल प्रदेश जाने वाला था। वह मेहनत मजदूरी करता था। गांव वालों का आरोप है कि प्रधान तूफानी निषाद और उनके लड़कों का विवादों से पुराना नाता है। इसका नतीजा है कि आज गांव में इतनी बड़ी घटना घट गई।
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