तीन माह में मिले 123 नए मरीज
सेमरियावां। सीएचसी सेमरियावां में दस माह से 750 तपेदिक मरीजों को निक्षय पोषण योजना का धन नहीं मिल पाया है। ऐसे में उनको पौष्टिक आहार को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच तीन माह में 123 नए मरीज मिले हैं।
सेमरियावां ब्लाॅक में 113 ग्राम पंचायतों में 183 राजस्व गांव शामिल है। वर्तमान में सेमरियावां सीएचसी में 263 मरीजों का इलाज चल रहा है। तीन माह में 123 मरीजों को चिह्नित किया गया है। हालांकि दावा है कि 20 से 25 गांव को टीबी मुक्त भी किया जा चुका है। तपेदिक यानी टीबी रोग के समूल नाश के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार गंभीर है। इस दिशा में लगातार अभियान चलाने का निर्देश संबंधित विभाग को दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर, बाजारों एवं गांवों में टीमों का गठन करके तपेदिक मरीजों की पहचान कराई जा रही है। उसके बाद नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर उनका फ्री में इलाज एवं जांच होता है। कभी महामारी का दर्जा प्राप्त तपेदिक बीमारी को लेकर अब संकट कम हुआ है। मरीजों को सरकार बेहतर इलाज देने के साथ ही केंद्र सरकार पौष्टिक आहार के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपया वित्तीय सहायता देने का काम करती है। यह धनराशि सीधे मरीज के बैंक खाते में भेजी जाती है, जब तक उसका इलाज चलता है।
इधर बताया जाता है कि पिछले जून माह से 750 तपेदिक मरीजों को मिलने वाला धन नहीं आया है।
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सीएचसी सेमरियावां के अंतर्गत गांवों को टीबी मुक्त बनाने की कवायद जारी है। इस समय कुल 263 मरीजों का इलाज चल रहा है। जनवरी से लेकर मार्च तक अभियान में 123 नए मरीज मिले हैं। मरीजों का ई-केवाईसी करके लिखा पढ़ी गई है। पोषण धन जल्द ही मिल जाएगा।
-डॉ. सुरेश चंद्रा, अधीक्षक, सेमरियावां