मदरसा अरबिया तालीमुल कुरआन, सेमरियावां मेें बृहस्पतिवार की रात जलसे में कुरआन हिफ्ज करने वाले 225 छात्रों की दस्तारबंदी की गई।
इस अवसर कुलहिंद मजलिस-ए-मुस्लमीन के सचिव मौलाना सैयद बेलाल नदवी ने कहा कि इंसान को अपनी गलती का एहसास होना चाहिए। गलती का एहसास होने से सुधरने का मौका मिलता है। कहा कि इंसान को किसी का हक छीनने का अधिकार नही है। भाई-बहन, माता-पिता, औलाद सभी के हक अदा करें। बड़ों की इज्जत व छोटों से प्यार करें। समाज में हर किसी का भला चाहें। ये सब की जिम्मेदारी है। कहा कि आपसी भाईचारा से समाज व देश की तरक्की मुमकिन है।
उन्होंने कहा कि नशा, शराब, जुआ जैसी बुरी चीजों से दूर रहें। ये सब चीजें इंसान की बर्बादी व झगड़ा फसाद की जड़ हैं। शादी की फिजूल खर्ची व दहेज प्रथा को खत्म करें। ेसैयद सुहेब हुसैनी नदवी ने कहा कि कुरआन में इंसान को जिंदगी जीने का तरीका बताया गया है। इसे पढ़ने से जिंदगी बनती है। जलसे को मौलाना मोहम्मद हसन नदवी, मौलान कफील अहमद, मौलान रहमतुल्लाह नेपाली आदि ने भी संबोधित किया।
अध्यक्षता मौलाना मुनीर अहमद नदवी व संचालन मौलान गुफरान नदवी ने किया। इस मौके पर दौरान पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, मौलाना अफजल हुसेन, शोएब नदवी, फुजैल नदवी, मौलाना अतीकुर्रहमान, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मशहूर आलम चौधरी, महमूद आलम चौधरी, फिरोज नदवी, मौलाना अलीम नदवी, कारी अख्तर आदि मौजूद रहे।