- एडीजे ने लगाया दस हजार रुपये अर्थदंड का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश रमेश दुबे की कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या के दोषी हरिशचंद्र यादव को जेल में बिताई गई अवधि चार साल आठ माह बारह दिन के कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड का आदेश दिया है। अदा न करने पर एक माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
खलीलाबाद क्षेत्र के ग्राम राउतपार (जोलहन टोला) निवासी अली हुसैन ने कोतवाली खलीलाबाद में प्रार्थना पत्र देकर 13 जनवरी 2020 को दिया कि 12 जनवरी को दोपहर तीन बजे गांव के हरिश चंद्र किसी बात को लेकर मां को मार रहा था। बीच-बचाव करने पहुंचे चाचा रहमत अली को हरीश चंद्र मां को छोड़कर मेरे चाचा रहमत अली को डंडे से सिर में मार दिया। जिससे मेरे चाचा रहमत अली को सिर मे गंभीर चोटे आईं।
मौके पर पहुंचे मेरे बहनोई रियाज अहमद, खालिक व मैने अपने चाचा रहमत अली को जिला अस्पताल लेकर गए। जहां डाॅक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बीआरडी मेडिकल काॅलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। गोरखपुर जाते समय नौसढ़ के पास चाचा रहमत अली की मृत्यु हो गई। आरोपी हरिश चंद्र यादव के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज हुआ। न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित हुआ। गैर इरादतन हत्या का दोषी पाए जाने पर दोषी हरिश चंद्र निवासी राउत पार (जोलहन टोला) थाना कोतवाली खलीलाबाद को चार साल आठ माह 12 दिन जेल में बिताई गई अवधि और दस हजार रुपये अर्थदंड का आदेश दिया। अदा न करने पर एक माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।