- सीएमओ ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए दिया था निर्देश
- निजी हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान नवजात के मौत का मामला
- मेंहदावल के मोहिया पुल के पास से निकाला गया
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। नगर पंचायत में स्थित निजी हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान नवजात बच्चे के मृत्यु के मामले में सीएमओ डॉ. रामानुज कनौजिया के निर्देश पर मेंहदावल तहसीलदार आनंद कुमार ओझा की मौजूदगी में नवजात बच्चे का शव बृहस्पतिवार को कब्र से निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस प्रशासन व पीड़ित की मौजूदगी में नवजात का शव मेंहदावल की मोहिया पुल के पास से निकाला गया।
23 सितंबर को मेंहदावल नगर पंचायत के टेडूआ निवासी आशीष मिश्र ने आरोप लगाया था कि पत्नी मंजुला सात माह की गर्भवती थी। 21 सितंबर की रात 11 बजे अचानक दर्द शुरू हुआ। निजी अस्पताल के जिम्मेदारों ने चिकित्सक को जानकारी दी। निजी कर्मी को भेजकर घर पर ही इंजेक्शन लगवाया, जिसके बाद से दर्द बढ़ गया। साथ ही रक्तस्राव होने लगा। आनन-फानन पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचा, लेकिन डॉक्टर मौके पर नहीं आए। सुबह तीन बजे मरा बच्चा पैदा हुआ।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि इलाज के लिए 20 हजार रुपये की मांग की गई। रुपये नहीं देने के कारण मरे हुए बच्चे को देने में भी आनाकानी की गई। इस मामले में दंपती ने जिम्मेदार चिकित्सक और कर्मियों के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। प्रभारी निरीक्षक रामकृपाल सिंह ने बताया कि सीएमओ का पत्र मिलने के बाद नवजात बच्चे का शव कब्र से निकलवाया गया। मेंहदावल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नवजात की मौत का कारण पता चल सकेगा।