कोर्ट के आदेेश पर सीएमओ लखनऊ के मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित न होने वाले चार शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग खोज रहा है। बीएसए ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर शिक्षकों का पता लगाने को कहा है साथ ही पता चलने पर वेतन रोकने का निर्देश दिया है।
दिव्यांगता के आधार पर नौकरी पाए शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने कोर्ट में चुनौती दी थी। जिसके बाद कोर्ट ने इस आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों को लखनऊ सीएमओ के मेेडिकल बोर्ड के समक्ष 11 जुलाई 2016 से 22 सितंबर 2016 तक उपस्थित होकर जांच कराने का निर्देश दिया था। जिसमें संतकबीरनगर जनपद के भी चार शिक्षक शामिल थे।
चारों शिक्षक मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। उसके बाद कई पत्र जारी हुए पत्र शिक्षकों का पता नहीं चला। निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान ने बीएसए को पत्र जारी कर शिक्षकों को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित कराने का निर्देश दिया। जिसके बाद बीएसए ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिव्यांगता के आधार पर नौकरी पाने वाले सुधीर कुमार सिंह, दिव्या राय, शैलेष कुुमार सिंह और प्रियंका सोनी के बारे में सूचना देने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि अगर यह शिक्षक ब्लॉक क्षेत्र में कार्यरत है तो उनका पूरा विवरण देते हुए वेतन बाधित कर दिया जाए।
बीएसए प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि चारों शिक्षकों का पता लगाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। पता लगते ही शिक्षकों का वेतन बाधित करते हुए मामले की जानकारी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक को भेज दी जाएगी।