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Sant Kabir Nagar News: प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी से होगी चार लाख 80 हजार की वसूली

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संतकबीरनगर। लोकायुक्त से भ्रष्टाचार की शिकायत पर नाथनगर ब्लॉक के ग्राम सभा नाथनगर की जांच हुई। जांच के दौरान भ्रष्टाचार उजागर हुआ था। जिस पर लोकायुक्त ने तत्कालीन प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी व फर्म के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया और प्रकरण में दोषी पाए गए कर्मियों पर कार्रवाई कर रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन डीपीआरओ कार्यालय से मामला दबा दिया गया। चार बार रिमाइंडर के बाद भी डीपीआरओ स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। जिसके चलते डीएम पर कार्रवाई की तलवार लटक रही थी। इस मामले को अमर उजाला ने पांच फरवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसको संज्ञान में लेते हुए डीएम ने दोषी पाए गए प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी से चार लाख 80 हजार रुपये वसूली करने का आदेश दिया है।
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बता दें कि नाथनगर ब्लॉक के नाथनगर ग्राम पंचायत के विनय कुमार ने लोकायुक्त से गांव में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। जिस पर नौ बिंदु पर सहायक अभियंता प्रांतीय खंड, वित्त एवं लेखाधिकारी, एसडीएम धनघटा की संयुक्त टीम 28 जुलाई 2023 को अपनी रिपोर्ट डीएम को दे दी थी। इसमें कुल चार लाख 80 हजार 176 रुपये की वित्तीय अनियमितता मिली थी। मौके पर काम होना नहीं पाया गया था। जिसके बाद टीम ने लोकायुक्त को रिपोर्ट भेज दी थी।
सचिव लोकायुक्त डॉक्टर रीमा बंसल ने डीएम को 11 दिसंबर 2025 को पत्र भेजकर कहा कि था प्रकरण में 15 अप्रैल 2025 को पत्र भेजकर दोषी कर्मियों के संबंध में लिए गए निर्णय की जानकारी 29 अप्रैल तक उपलब्ध कराने को कहा गया था। सूचना न प्राप्त होने पर 14 जुलाई, 10 अक्तूबर एवं 7 नवंबर को भी पत्र भेजा गया। इसके बाद भी निर्धारित तिथि बीतने के बाद भी मामले से संबंधित कोई सूचना अथवा आख्या प्राप्त नहीं हुआ। इसके वजह से संबंधित जांच रिपोर्ट अथवा आख्या 16 जनवरी तक उपलब्ध कराएं। जांच रिपोर्ट अथवा आख्या 16 जनवरी तक उपलब्ध न होने पर बाध्यकारी कार्रवाई किए जाने पर विचार किया जा सकेगा। जिसके बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया था। मामले को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने संबंधित तत्कालीन ग्राम प्रधान सीमा साहू और ग्राम पंचायत अधिकारी इंद्रेश यादव वर्तमान में सहायक विकास अधिकारी बस्ती में तैनात को दोषी मानते हुए चार लाख 80 हजार रुपये वसूली का निर्देश तहसीलदार धनघटा को दिया है।
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यह है पूरा मामला

ग्राम सभा नाथनगर में हुए विकास कार्य में भ्रष्टाचार की शिकायत गांव निवासी विनय कुमार ने जून 2023 में की थी। जिसके बाद जांच के लिए डीएम ने सहायक अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा, एसडीएम धनघटा की संयुक्त टीम गठित की गई। स्थलीय जांच में काफी खामियां मिलीं। 28 जुलाई 2023 को जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार करके डीएम को सौंप दिया था। जिसमे चार लाख 80 हजार के भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ था। इसके बाद भ्रष्टाचार के मामले में संलिप्त आरोपितों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।


जांच में इन कार्य में पाया गया था भ्रष्टाचार
लोकायुक्त जांच के दौरान वर्ष 2020-21 में गुलाम के डेरी से तफज्जुल के घर तक पिच खडंजा एवं नाली निर्माण में 7,49,809 रुपये खर्च हुए थे। जांच के दौरान कोई कार्य नहीं होना पाया गया। 60 सोलर लाइट पर 13,27,200 रुपये बिना उच्चाधिकारी के अनुमति लिए ही खरीदे गए। जांच के दौरान 60 सोलर लाइट में 48 लगा पाया गया। 14वां वित्त से कराएं गए इंटरलाकिंग, नाली व ढक्कन निर्माण कार्य, कूप मरम्मत समेत अन्य अनेक काम में नाम बदलकर सरकार के लाखों रुपये राजस्व की क्षति पहुंचाने की पुष्टि हुई थी।

मामला प्रकरण में आने के बाद संबंधित प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी से दुरुपयोग की गई धन की वसूली का निर्देश तहसीलदार धनघटा को दिया गया है। वसूली गई धनराशि को ग्राम पंचायत के खाते में जमा कराया जाएगा।
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- आलोक कुमार, जिलाधिकारी
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