संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने घर में घुसकर रिवॉल्वर, बंदूक से फायर कर गंभीर चोट पहुंचाने और लूट के मामले में पिता-पुत्र, भाई समेत चार आरोपी को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। दयानन्द राय ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि राम रेखा से दुश्मनी चली आ रही है। इसी रंजिश में राम रेखा सहित 12 लोग रिवॉल्वर, बंदूक और अन्य आरोपी लाठी-डंडा, भाला से लैस होकर 23 जुलाई 1986 को करीब तीन बजे शाम को जान से मारने की नीयत और लूट के इरादे से आए।
राम रेखा और अन्य लोगों ने भी फायर किया। दयाराम की मां को मारे और औरतों के गहने छीन लिए। राम रेखा के फायर से उसके भाई को चोट आई। कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज हुआ। विवेचना के बाद अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रेषित किया। कोर्ट में प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दाखिला किया। वादी मुकदमा और 14 गवाहों के बयान के बाद 13 आरोपी तलब किए गए। दौरान कार्यवाही सात लोगों की मृत्यु हो गई। संवाद