संतकबीरनगर। थाना दुधारा क्षेत्र में वर्ष 2012 में शादी वाले घर में घुसकर लूटपाट और मारपीट के दौरान गैर इरादतन हत्या में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम गजेंद्र की अदालत ने दो सगे भाइयों समेत चार को दोषमुक्त कर दिया। वहीं न्यायालय ने गवाही के दौरान अपने पूर्व बयान से मुकरने पर वादिनी कंचन के विरुद्ध गलत बयान देने के मामले में प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी करने का आदेश भी दिया है।
थाना दुधारा क्षेत्र की रहने वाली कंचन ने छह जून 2012 को पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसी दिन उसके देवर किशुन कुमार की शादी थी। रात करीब 10:30 बजे शादी की तैयारियों के बीच राजाराम, विशंभर, प्रमोद कुमार और जितेंद्र समेत अन्य लोग घर में घुस आए। आरोप था कि आरोपियों ने घर में रखे एक लाख रुपये नकद, करीब 80 हजार रुपये के जेवर और 25 हजार रुपये मूल्य के कपड़े जबरन उठा लिए। विरोध करने पर आरोपियों ने सरिया, कुल्हाड़ी और कट्टे की बट से हमला कर उसके पति रमेश और देवर हरेश को गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों को पहले जिला अस्पताल बस्ती और बाद में बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया था। घटना में मंगलसूत्र और कान के झुमके लूटने का भी आरोप लगाया गया था।
पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद राजाराम, विशंभर, प्रमोद कुमार और जितेंद्र के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से पांच गवाह और छह दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, लेकिन वादिनी और घायल गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर गए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं माना और संदेह का लाभ देते हुए थाना दुधारा क्षेत्र के मेलाने खुर्द निवासी चारों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। फैसले के साथ ही अदालत ने वादिनी कंचन द्वारा न्यायालय के समक्ष कथित रूप से गलत बयान दिए जाने को गंभीर मानते हुए उसके विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी करने का भी आदेश दिया।