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जमीन का बैनामा कराने में चल रहा फर्जी कागज का खेल

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जमीन का बैनामा कराने में चल रहा फर्जी कागज का खेल
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- फर्जी आधार कार्ड के सहारे दो और लोगों के जमीन का हुआ है बैनामा
- शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई, एक महिला ने कोर्ट दाखिल किया है वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। उप निबंधक कार्यालय धनघटा में कागजों में खेल करके फर्जी तरीके से जमीन का बैनामा कराया जा रहा है। लंदन में रह रहे व्यक्ति का फर्जी आधार कार्ड से जमीन बैनामा कराने का मामला खुलने के बाद अब दो और लोगों के जमीन का फर्जी आधार कार्ड के साहरे जमीन का बैनामा कराने का मामला सामने आया है। इसमें से एक महिला ने कोर्ट में वाद दाखिल किया है। वहीं, दूसरा व्यक्ति रजिस्टर्ड डाक से डीएम, कमिश्नर और मुख्यमंत्री तक को शिकायत कर चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
गोपीपुर गांव निवासी मंजू पांडेय पत्नी स्वर्गीय सोमनाथ पांडे ने बताया कि धनघटा- खलीलाबाद मार्ग पर सेमरडाडी गांव के पास स्थित पेट्रोल पंप के सामने उनकी एक विश्वा जमीन है। पति की मौत हो जाने के बाद मंजू देवी परिवार के साथ गीडा गोरखपुर रहकर एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करके परिवार का भरण पोषण करती हैं। मंजू का कहना है की बगल के गांव बैदौली निवासी युवक एक बार पेंशन बनवाने के नाम पर उनके आधार कार्ड की छाया प्रति लिया था। पिछले वर्ष अप्रैल माह में पता चला कि कूट रचित दस्तावेज के सहारे उनकी जमीन एक महिला ने गोरखपुर जिले के गोला निवासी महिला के नाम दो लाख में बैनामा कर दिया।
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मामले की जानकारी हुई तो मंजू देवी रजिस्ट्री कार्यालय धनघटा पहुंचकर पता किया तो बताया गया कि उनकी जमीन बैनामा हो चुकी है। इस मामले में कार्रवाई के लिए मंजू देवी ने न्यायालय में वाद दाखिल किया है।
दूसरी घटना रामपुर की है। भागीरथी की जमीन को फर्जी दस्तावेज के सहारे जनवरी 2022 में रजिस्ट्री करा ली गई। भागीरथी के पुत्र दीनानाथ का कहना है कि उनके पिता मानसिक रुप से दिव्यांग हैं। गांव का एक व्यक्ति उनके पिता से आधार कार्ड मांगा। उसके बाद फर्जी आधार कार्ड के सहारे दूसरे व्यक्ति को भागीरथी बनाकर एक बीघा जमीन बस्ती जिले के छिबरा गांव निवासी अपने रिश्तेदार के नाम बैनामा करा दिया।
जब जानकारी उसके बाद जालसाजों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाए, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि रजिस्टर्ड डाक से मुख्यमंत्री, कमिश्नर और डीएम ने शिकायत की है।
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इस संबंध में उप निबंधक मसूद अहमद खान ने बताया कि दस्तावेज का मिलना किया जाता है। खतौनी का मिलान करते हैं। कितने का स्टांप लगा है, कितने का लगना चाहिए इसकी जानकारी की जाती है। आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र फर्जी है या सत्य इसकी जानकारी वह कैसे कर पाएंगे। इस मामले में जानकारी हुई है पुलिस उनके पास पहुंची थी और उसे भी वस्तु स्थित से अवगत कराया गया है।
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