खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री-संवाद
- फोटो : कलेक्ट्रेट में सांकेतिक जिलाधिकारी के तौर पर पीड़ित की सुनवाई करती छात्रा हर्षिता तिवारी व बगल मौजूद डीएम कुमार हर्ष।
संतकबीरनगर। दीपावली और छठ पर्व मनाने के लिए परदेसी घर लौटने लगे हैं। इसके चलते ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। एक सीट के लिए लोग धक्का-मुक्की कर रहे हैं। स्पेशल ट्रेनें भी राहत नहीं दे पा रही हैं। लोग निजी बसों व साधारण क्लास में टिकट लेकर किसी तरह से अपने घर लौट रहे हैं।
धनतेरस का पर्व 18 और 20 अक्तूबर को दीपावली मनाई जाएगी। इसके बाद भैया दूज और छठ का पर्व है। इस बीच रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली, मुंबई, बंगलाैर, अहमदाबाद, कानपुर आदि शहरों में रहने वाले लोग त्योहार मनाने के लिए घर लौट रहे हैं। इसके कारण ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई।
स्थिति यह है कि कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है जो लोग पहले से ऑनलाइन टिकट बुक कराए थे, उनके टिकट भी कंफर्म नहीं हो पा रहे हैं। मजबूरी में लोगों को जनरल कोच में सफर करना पड़ रहा है।
परिवार और सामान के साथ जनरल कोच में सफर करना आसान नहीं है। लंबा रास्ता होने के बावजूद लोगों को खड़े होकर या फिर ट्रेन की गैलरी में किसी तरह यात्रा करनी पड़ रही है। यह स्थिति तब है जबकि त्योहार को लेकर कई स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रह है।
निजी बसों से सफर हुआ महंगा : वैसे तो लोगों की पहली पसंद ट्रेन है लेकिन ट्रेन में कंफर्म टिकट न मिलने पर लोग निजी बसों का सहारा ले रहे हैं। त्योहार के सीजन में निजी बस संचालकों ने किराया बढ़ा दिया है। दिल्ली के लिए जहां पहले 600 किराया देना पड़ता था अब तीन हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। दिल्ली से आए राकेश कुमार ने बताया कि ट्रेन में टिकट कंफर्म न होने से निजी बस से आए हैं, इसके लिए तीन हजार रुपये खर्च करने पड़े।