रोशन शाह के उर्स के समापन पर तकरीर हुआ-स्रोत आयोजक
तिघरा। कौमी एकता के प्रतीक हजरत रोशन अली शाह के सालाना उर्स के तीसरे दिन रसूलाबाद में तकरीर व दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। इसमें शायरों ने अपने कलाम पेश किए। अकीदतमंदों ने मजार पर हाजरी दी। इस बीच चादरपोशी का सिलसिला जारी रहा।
मुंबई से तशरीफ लाए मौलाना सैय्यद अमीनुल कादरी ने तकरीर पेश की। पूरी रात एक से बढ़कर एक प्रोग्राम पेश किए गए। सैय्यद अमीनुल कादरी ने कहा हजरत इमाम हुसैन से पूर्व जो कुरीतियां थी वो आज भी हैं। नमाज, रोजा एवं इस्लामी अरकान से लोग पीछे हट रहे हैं और बुराइयों की तरफ जा रहे हैं। सच्चा मुसलमान वहीं है जो मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर चले। कहा कि सूफी संतों की कृपा सब पर होती है। खुदा का सच्चा बंदा वहीं है जो खुदा की इबादत में अपना सुख चैन तन मन कुर्बान कर दे।
इस मौके पर मो. फैज, मो. शमीम, मोहम्मद हबीब ,गुलाम अहमद, मुश्ताक अहमद, मोहम्मद जमाल आदि लोग मौजूद रहे।