संतकबीरनगर। सीबीएसई की परीक्षाएं फरवरी में होने वाली हैं। सीबीएसई के जो विद्यार्थी रिवीजन कर रहे हैं, उन्हें स्मार्ट तरीके अपनाने चाहिए। ताकि उनको अच्छे अंक मिल सकें। बेहतर तैयारी के लिए आवश्यक है कि छोटे ब्रेक लेकर सेहत पर भी ध्यान दें, ताकि उनकी तैयारी बेहतर हो।
सीबीएसई के जिले के नोडल प्रधानाचार्य दिलीप मणि त्रिपाठी ने बताया कि तैयारियों में स्मरण, मॉक टेस्ट देना, माइंड मैप्स के साथ पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करना जरूरी है। पढ़ाई के बीच छोटे ब्रेक लेना और अपनी सेहत का ध्यान रखना भी आवश्यक है, ताकि वे कॉन्सेप्ट्स को बेहतर समझ सकें। सिर्फ पढ़ने के बजाय, किताबें बंद करके मुख्य बातें याद करने की कोशिश करें।
उन्होंने बताया कि मॉक टेस्ट के जरिए समय-सीमा में पिछले साल के पेपर हल करें। इससे स्पीड और एक्यूरेसी बढ़ती है। किताबों में पहले एनसीईआरटी पर ध्यान दें और फिर रेफरेंस बुक्स पर जाएं। अपने वीक एरियाज पर ज्यादा ध्यान दें और उन्हें सुधारें। जो सीखा है, उसे दोस्तों को समझाएं, इससे समझ गहरी होती है। परीक्षा के दौरान और पहले शेड्यूल बनाएं ।
सभी विषयों को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित टाइम-टेबल बनाएं, जिसमें छोटे लक्ष्य हों। हर 45 मिनट के बाद 5-10 मिनट का ब्रेक लें और टहलें तथा संगीत भी सुन लें। इससे मन एकाग्र होता है। पर्याप्त नींद (7-8 घंटे), हेल्दी खाना और हल्की एक्सरसाइज करें। तनाव करने के लिए योग, मेडिटेशन करें और माता-पिता या टीचर से बात करें। टाइम मैनेजमेंट के बारे में विशेष तैयारी कर लें। पहले आसान सवालों को हल करें, फिर मुश्किल सवालों पर आएं।
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एकाग्रता पर रहे विशेष ध्यान, स्क्रीन टाइम करें कम
युवाओं की एकाग्रता की अवधि लगभग 45 मिनट होती है। इसलिए किसी भी विषय को 45 मिनट तक पढ़ने के लिए पांच से दस मिनट का ब्रेक अवश्य लें। ब्रेक के पश्चात स्क्रीन टाइम (मोबाइल-टीवी) को छोड़कर अपना कोई भी पसंदीदा कार्य करें। आप चाहें तो बगीचे में टहलकर, संगीत सुनकर आनंद ले सकते हैं। आप ध्यान एवं नियंत्रित रूप से योग का अभ्यास करके भी तनाव को कम कर सकते हैं। नींद पूरी न होने के कारण भी छात्रों की एकाग्रता पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रात में सात से आठ घंटे की पर्याप्त नींद आपकी ऊर्जा को पूरे दिन बनाए रखती है। इसलिए परीक्षा के दौरान पर्याप्त रूप से नींद अवश्य लें।