सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रबंधक उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि विद्यार्थी विद्यालय में जो कुछ पढ़ते है उसको घर पर देखने की जिम्मेदारी अभिभावकों की होती है।
जितना शिक्षक विद्यार्थियों को जानकारी देते है कही उससे ज्यादा जानकारी अभिभावकों से बच्चों को प्राप्त होती है। अभिभावक प्रतिदिन कक्षाओं में पढ़ाए गए विषय बच्चों से विषयवार जानकारी ले।
कमी मिलने पर विद्यालय को बताए उसमें सुधार किया जाएगा। प्रबंध निदेशक सविता चतुर्वेदी ने कहा कि छात्रों की पहली पाठशाला अभिभावकों से शुरू होती है।
बच्चे कच्चे घड़े के समान होते है। उन्हें निखारने की जिम्मेदारी शिक्षकों के साथ साथ अभिभावकों की भी है। इस लिए अभिभावक प्रतिदिन बच्चों के घर पहुंचने पर शैक्षिक प्रगति की जानकारी ले।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुप्रिया बनर्जी, आलोक श्रीवास्तव, अजय शुक्ल, अरविंद सिंह, काजोल श्रीवास्तव, दिव्या सिंह, निहारिका श्रीवास्तव, रवि गुप्त, अनिल मिश्र, बबिता त्रिपाठी, राकेश चौधरी आदि मौजूद रहे।