सियरकला जाने वाले रास्ते पर बालू की बोरियां डालकर बनाया रास्ता-संवाद
लोहरैया। सरयू के जलस्तर में लगातार कमी आने के बाद नदी अपने पुराने बहाव क्षेत्र में लौट गई है लेकिन बाढ़ का पानी गांवों और खेतों में जगह-जगह जमा होने से ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं।
सियरकला, ढोलबजा, भौवापार, करनपुर, गायघाट सहित कई गांवों में खेतों और संपर्क मार्गों पर पानी जमा है। लंबे समय तक पानी भरा रहने से खरीफ की फसलें बर्बाद होने के साथ ही रबी की बुवाई पर भी संकट मंडरा रहा है।
सियरकला जाने वाले मार्ग पर पुलिया बह जाने से आवागमन प्रभावित था। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए विभाग ने बालू से भरी बोरियां डालकर अस्थायी पैदल रास्ता तैयार किया है। रास्ते के दोनों किनारों पर जाल भी लगाया गया है, ताकि आवागमन के दौरान लोग गहरे पानी या कटान वाले हिस्से में न जाएं और किसी हादसे से बच सकें। हालांकि यह रास्ता केवल पैदल आवागमन के लिए उपयोगी है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही अभी भी प्रभावित है। संवाद