-घाघरा नदी की कटान से बेघर हो गए हैं गायघाट दक्षिणी के 47 परिवार
संवाद न्यूज़ एजेंसी
धनघटा। वर्ष 2021-22 में घाघरा नदी की कटान से बेघर हुए गायघाट दक्षिणी गांव के 47 परिवारों को बसने के लिए तहसील प्रशासन जमीन मुहैया करा दी है, लेकिन पैसे के अभाव में वे मकान नहीं बनवा पा रहे हैं। प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें छत नसीब हो सके।
गायघाट दक्षिणी के पास घाघरा नदी ने कटान करके पहले वहां के लोगों को भूमिहीन कर दिया। 47 लोगों के मकान नदी में समा गए। गायघाट दक्षिणी के ईशदत्त, कोमल, लालचंद, राजेंद्र, सीताराम, सुरेंद्र समेत 47 परिवारों के लोग पहले एमबीडी बांध पर पन्नी डालकर करीब एक वर्ष गुजर किए। पीड़ितों का कहना है कि एक वर्ष का समय बंधे पर रहने के बाद जमीन और मुख्यमंत्री आवास के इंतजार में बीत गया, लेकिन न तो जमीन मिली न ही आवास। बंधे पर बरसात, गर्मी, ठंडी में रहना मुश्किल हो गया तो रिश्तेदारों के वहां शरण लेनी पड़ी। अभी भी कई परिवार के लोग बांध पर रह रहे हैं। पीड़ितों ने बताया कि तहसील प्रशासन ने दो माह पहले जिगिना गांव के करीब 45 परिवारों को बसने के लिए एक-एक विस्वा जमीन आवंटित तो कर दी, लेकिन पैसे की व्यवस्था नहीं होने से वे मकान नहीं बनवा पा रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि खेत, खलिहान, मकान नदी में समा गए तो किस स्रोत से मकान का निर्माण कराएं। पीड़ितों ने कहा कि अधिकारी और नेता पीएम, सीएम आवास योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन आवास कब मिलेगा, इसका कोई ठिकाना नहीं है।
इस संबंध में प्रभारी तहसीलदार योगेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि गायघाट दक्षिणी के 45 परिवार को बसने के लिए जमीन आवंटित कर दी गई है। आवास योजनाओं का लाभ देने के लिए पत्र भी लिखा गया है। जल्द ही आवास योजना का लाभ मिल जाएगा।