धनघटा। क्षेत्र में सरयू नदी में आई बाढ़ से 15 से अधिक गांव पानी से घिर गए हैं। गांव को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग डूब गए हैं। जिससे गांव में आने जाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कटान रोकने में प्रशासन की लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने तिघरा बंधे पर शनिवार को प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने बताया कि ढोलबजा जाने वाली पक्की सड़क को भी नदी करीब 80 मीटर तक काट चुकी है। इससे ढोलबजा, चकदहा, गुनवतीया, भौवापार आदि गांव में जाने का रास्ता बाधित हो गया है। गायघाट, चकदहा, गुनवतिया, ढोलबजा, सियरकला, खरैया, सरैया सहित दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। गांव में मच्छर और संक्रामक रोग फैलने की आशंका है, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंच रहा है।
ग्रामीण पूर्णमासी, गयादीन, पंचराम, चांदमती, चंदा ने बताया कि सरयू नदी की कटान से करीब 80 मीटर तक पक्की सड़क कट चुकी है और नदी की कटान अभी भी जारी है। पिछले दिन प्रशासन के लोग आए थे और कटान स्थल पर कुछ पेड़ों की डालियां डालकर खूंटे से बांध दिया और कोरम पूर्ति कर दी। लेकिन कटान रुक नहीं रही है।
प्रदर्शन करते हुए बाढ़ पीड़ित रामवृक्ष यादव, जय देवी, राम सिंह पूर्णमासी, गयादीन, पंचराम यादव, उत्तम, राम प्रताप, चांदमती चंदा, सोनमती, प्रदीप कुमार ने कहा कि जिले के आला अधिकारियों को स्वयं आकर कटान स्थल का निरीक्षण करना चाहिए और कटान रोकने का समुचित उपाय करना चाहिए। नहीं तो ग्रामीण जिले स्तर पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे।