संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा ने आपराधिक मानव वध करने वाले दो सगे भाइयों को दोषी पाए जाने पर पांच वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 24000 रुपया अर्थदंड का आदेश दिया है। दंड अदा न करने पर दोषियों को छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना दुधारा के बरडाड निवासी राम सुघर यादव ने तहरीर में बताया कि 25 अक्तूबर 2012 को गांव के संजय, धर्मेंद्र, हुमेला जमीन संबंधित रंजिश में मेड़ के विवाद को लेकर लाठी, डंडा से मारपीट किए। जब शोर मचाया तो बचाने उनके बड़े भाई गुरुशरण व रामजी आए। आरोपी संजय व धर्मेंद्र और हुमेला, भाई गुरशरण व रामजी को भी लाठी डंडा से पीटने लगे। शोर गुहार पर खेतों में काम करने वाले लोग बचाव किए।
थाने पर एनसीआर दर्ज किया गया। पुलिस घायलों को सीएचसी सेमरियावां ले गई। रामजी की हालत गंभीर थी, उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज से लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
इस मामले में सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने आरोपी सगे भाइयों संजय यादव एवं धर्मेंद्र को गैरइरादतन हत्या का दोषी मानते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 24000 अर्थदंड से दंडित किए। अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया।
आरोपी की मां हमला देवी को धारा 323 में दोषसिद्ध करते हुए 25 हजार के व्यक्तिगत बंधपत्र पर छह माह के सदाचरण में शांति बनाए रखने का आदेश दिए।
वहीं संजय यादव ने थाना दुधारा में प्रार्थना पत्र दिया था कि उसका परिवार धान की ढुलाई कर रहा था पुरानी रंजीश को लेकर खेत के मेड़ को काटने से मना करने पर गुरु शरण, राम सुघर, राम जी और राहुल भद्दी भद्दी गाली दिए और मारे-पीटे। मामले में आरोपी राहुल को सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने दोषसिद्ध करते हुए 25-25 हजार के व्यक्तिगत बंधपत्र पर छह माह की परिशांति बनाए रखने का आदेश दिया।: