संतकबीरनगर। जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के चलते बहला-फुसलाकर नाबालिग को भगा ले जाने के मामले में अदालत ने आरोपी को पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार, थाना महुली क्षेत्र के भगवानपुर पूर्वी निवासी सोनू के खिलाफ 10 फरवरी 2018 को पीड़ित ने अपनी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलित कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद शनिवार को एएसजे/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने आरोपी को अलग-अलग धारा में कुल पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।