मगहर के इस्लाम नगर में जलसा ए दस्तारबंदी में सम्मानित हुए लोग-स्रोत आयोजक
मगहर। मोहल्ला इस्लाम नगर में मंगलवार की देर रात जलसा ए दस्तारबंदी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि उन्नाव के सैय्यद हसनैन मियां किबला बक्काई की मौजूदगी में पांच छात्रों को हाफिज-ए-कुरआन की दस्तारबंदी की गई। उन्हें सनद दी गई।
सैय्यद हसनैन मियां ने जलसे को खिताब करते हुए कहा कि इल्म (शिक्षा) हासिल करना हर मुसलमान मर्द व औरत पर फर्ज है। तालीम से ही इंसानियत का सबक मिलता है। इंसान अल्लाह के कलाम (कुरआन) को अगर अपनी जिंदगी में दाखिल कर ले तो उसकी जिंदगी संवर जाएगी। इस्लाम इंसानियत का पैगाम देता है। मोमिन इंसानियत की एक मिसाल है। मुफ्ती निसार अहमद मिस्बाही ने कहा कि रसूलुल्लाह की जिदंगी हम मोमिन के लिए एक अजीम मिसाल है। अगर हम अपने बुजुर्गों के तरीके पर अमल करें तो हमारी दुनिया संवर जाएगी।
जलसे में नातिया शायर सोहराब कादरी व नूर अहमद नूर ने अपनी दिलचस्प आवाज में नातिया कलाम पेश कर लोगों को बेदार किया। जलसे का आगाज तिलावते कुरआन से हुअा। संचालन फैजान रजा नजमी ने किया।
कारी अब्दुर्रशीद बरकाती, मो असजद, गुलाम नबी, हाजी सराजुद्दीन, अब्दुर्रहीम, हाजी असादुल्लाह, मो शकील आदि मौजूद रहे। संवादि