संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट भूपेंद्र राय की अदालत ने जमीनी रंजिश में अपशब्द कहते हुए मारने पीटने व जान से मारने की धमकी देने व एससी/एसटी एक्ट के आरोपी उपेन्द्र यादव, महेंद्र यादव, कमला यादव, परमात्मा यादव, जगदीश यादव (पिता-पुत्र व चचेरे भाईयों समेत पांच को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
वहीं जमीनी विवाद के कारण आरोपियों पर झूठा व फर्जी मुकदमा जातिगत आधार पर कायम कराने वाले राजा राम व उसके भाई सुमिरन व कलिंदर के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज करते हुए संक्षिप्त विचरण कर दंडित किए जाने का आदेश दिया है। थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम भोतहा निवासी राजाराम ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कहा कि 24 जून 2013 को सुबह 9:30 बजे उपेन्द्र यादव आदि निवासीगण ग्राम बगहीया थाना धनघटा गोल बना कर हाथ में लाठी-डंडा लेकर उसके भूमि पर खड़ा होकर ट्रैक्टर से जबरदस्ती जोतवाने लगे।
मना करने पर अपशब्द कहते हुए मारे-पीटे और जान से मारने की धमकी दी। कोर्ट के आदेश पर थाना धनघटा में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के उपरांत मामले में अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में प्रेषित किया। राजाराम ने कोर्ट में प्रोटेस्ट किया। जिस पर अदालत ने अंतिम रिपोर्ट निरस्त कर परिवाद के रूप में दर्ज किया। राजा राम समेत तीन लोगों के पर पांचों आरोपियों को तलब किया।
विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट भूपेंद्र राय की अदालत ने पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपियों पर आरोप साबित नहीं पाए जाने पर संदेह का लाभ पाते हुए थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम के पांचों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिए। संवादह