शाहपुर के सेमरा नंबर एक में एक प्रिंसिपल के मकान में छह महीने से ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में साइबर जालसाजी का नेटवर्क चल रहा था। आरोपियों ने मकान की दो कमरे की यूनिट किराए पर ले रखी थी। पुलिस के मुताबिक, यहां से ‘रेडी अन्ना’ नामक अवैध गेमिंग पोर्टल का पैनल खरीदकर उसकी ब्रांच संचालित की जा रही थी और लोगों को सट्टा खिलाया जाता था।
जांच में सामने आया कि सट्टे से जुड़े पैसों का लेनदेन अलग-अलग बैंकों के म्यूल खातों के जरिये किया जाता था। पुलिस अब इन खातों के संचालकों, रकम के ट्रांजेक्शन और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, नेटवर्क के तार दूसरे राज्यों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
मकान मालिक नागेंद्र सिंह कुशीनगर के एक स्कूल में प्रिंसिपल हैं। उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले युवकों को मकान किराए पर दिया था। सभी पढ़ने-लिखने वाले युवक लगते थे। वे अक्सर लैपटॉप पर काम करते दिखाई देते थे, इसलिए कभी संदेह नहीं हुआ कि कमरे में साइबर अपराध का धंधा चल रहा है। नागेंद्र रोज सुबह कुशीनगर चले जाते थे और दिन में उनकी पत्नी ही घर पर रहती थीं।
पुलिस कार्रवाई के दौरान कमरे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद किए गए। सूत्रों के मुताबिक, वहां एक आपत्तिजनक टॉय भी मिला। इसके संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी चुप्पी साध गए। छापे के दौरान उनके मोबाइल पर अजय, राजेश सहित लड़कों के नाम से कॉल आ रहे थे।
पुलिस ने एक कॉल रिसीव किया तो दूसरी ओर युवती की आवाज मिली। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड का नंबर लड़के के नाम से सेव किया था।
लक्जरी लाइफ दिखाकर युवतियों को भी फंसाते थे
पुलिस के अनुसार, आरोपी महंगी जीवनशैली दिखाकर युवतियों को प्रभावित करते थे। गिरफ्तार युवक इंटर और स्नातक स्तर तक पढ़े हैं। पुलिस का कहना है कि देखने में सामान्य लगने वाले ये युवक जल्द अमीर बनने की चाह में साइबर अपराध के रास्ते पर चले गए।
गिरफ्तार आरोपियों में नितिश, साहिल, मुन्ना, वाजिद और अभय शामिल हैं। ये देवरिया, मुजफ्फरनगर और सिवान के रहने वाले हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और दूसरे राज्यों में फैले संपर्कों की जांच कर रही है।