संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दूबे की कोर्ट ने हत्या के प्रयास, बलवा आदि मामले में साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते एक ही परिवार के पांच आरोपियों को बरी कर दिया है।
मामला कोतवाली खलीलाबाद थाना क्षेत्र के गांव पड़ोखर का है। वर्ष 2009 में वादी हसीबुन्निशा ने केस दर्ज कराया था। आरोप था कि विपक्षी मोहम्मद हसन से पुरानी रंजिश चल रही थी। 20 मई को विपक्षी मोहम्मद हसन, मोहम्मद हई, श्रीमती हुस्ना बानो, तजीमुन उसके घर में घुस आए। सामान व पांच हजार रुपये, सोने का झाला उठा ले गए। उसे व बेटी को मारे-पीटे। सूचना के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद एसपी को प्रार्थना पत्र दिया।
विपक्षियों को जब इसकी जानकारी हुई तो 21 मई को रात में 11 बजे जमील अहमद, वसीम अहमद, मोहम्मद हसन, हुस्ना बानो व मैमुन उसके घर में घुसकर अपशब्द कहते हुए जान से मारने के लिए मोहम्मद हसन ने उसके ऊपर कट्टा से फायर किया लेकिन गोली नहीं चली। बेटी बचाने आई तो उसे भी आरोपी मारे-पीटे और असलहा लहराते हुए जानमाल की धमकी देकर फरार हो गए। पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया।
विवेचना के बाद पुलिस ने मामले में सात लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। विचारण के दौरान आरोपी मैमुन व जमील अहमद की मौत हो गई। कोर्ट ने विचारण के दौरान पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के वजह से मोहम्मद हसन, मोहम्मद हई, हुस्ना बानो, तजीमुन व वसीम अहमद निवासी पड़ोखर को बरी कर दिया।