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Sant Kabir Nagar News: पहले बताएंगे तरीका, फिर लगाएंगे चोरी का आरोप

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धनघटा। बिजली चोरी और बकाया विद्युत बिल की वसूली को लेकर बिजली निगम के अधिकारियों- कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के बीच आए दिन टकराव की स्थिति पैदा होती है। इसके कारण कभी- कभी माहौल काफी बिगड़ जाता है। इसके पीछे का कारण जो बताया जा रहा है, उस पर बिजली निगम के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ध्यान देते और अपने मातहतों को कर्तव्यनिष्ठा का पाठ पढ़ाते तो शायद इस तरह की टकराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
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बिजली निगम के अधिकारी और कर्मचारी जब जांच के लिए गांव और कस्बे में पहुंचते हैं तो वह बगैर कनेक्शन लिए बिजली का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए उपभोक्ताओं पर या तो विद्युत चोरी का केस दर्ज कराते हैं या मामले को मौके पर ही दूसरे तरीकों से निपटा कर चले आते हैं। दोनों हालत में उपभोक्ता परेशान होता है।
सूत्रों के अनुसार किसी उपभोक्ता पर मीटर से तार अलग करके बिजली चोरी का आरोप मढ़ा जाता है, तो किसी को कटिया कनेक्शन के कारण बिजली चोरी का आरोपी बना दिया जाता है। इसके अलावा सिंचाई के समय खेत में मोटर चलाकर फसलों की सिंचाई करने वाले किसान भी निशाने पर आ जाते हैं। कुछ उपभोक्ता नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि मीटर से तार अलग करना हो या कटिया कनेक्शन से घर में उजाला करना हो, दोनों का तरीके बिजली निगम के कर्मचारी ही बताते हैं। जरा सा तार अगर शरीर में टच कर जाता है तो जान जाने में देर नहीं लगती है। ऐसे तार को काटना जोड़ना आम लोगों के बस की बात नहीं है।
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सोमवार को शनिचरा बाजार में बिजली निगम के जेई और उपभोक्ता (व्यापारी) के बीच टकराव हुआ था। दोनों पक्षों ने एक- दूसरे पर तरह- तरह का आरोप लगाकर थाने पर तहरीर दी। इसी तरह नावन, कटेया, पड़रिया, उमरिया बाजार, खाले पुरवा समेत कई स्थानों पर उपभोक्ताओं के साथ बिजली निगम के अधिकारियों- कर्मचारियों के बीच मारपीट की नौबत आई। इसमें बिजली निगम के जरिये मुकदमे दर्ज कराया गया। उपभोक्ता आज भी परेशान हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली निगम के कर्मी ही चोरी का तरीका बताकर लोगों से बिजली चोरी कराते हैं। उसके बदले बंधी बंधाई रकम वसूलते हैं। जब रकम मिलना बंद हो जाती है तो अपने अधिकारियों को गुमराह करके छापा डलवा कर उपभोक्ताओं का शोषण करते हैं।

बिजली निगम के कर्मी कहीं पर किसी भी बिजली चोरी के मामलों में किसी का सहयोग नहीं करते हैं। चोरी करने वाले जब पकड़ लिए जाते हैं तो बचने के लिए आरोप मढ़ते हैं।
-पीपी वर्मा, एसडीओ

बिजली चोरी करने के अनेक तरीके लोग अपनाते हैं। कटिया लगाकर बिजली चोरी करते हैं। मीटर से तार को अलग कर देते हैं। इसको रोकने के लिए निगम की टीम के साथ विजिलेंस की टीम लगाई गई है। आम जनता से अपील है कि यदि कोई बिजली निगम का अधिकारी अथवा कर्मी अवैध रूप से रकम की मांग करें तो उसका वीडियो व ऑडियो बनाएं। साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करें तो प्रकरण की जांच करेंगे और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। जहां तक रहा सवाल शनिचरा में हुए विवाद के प्रकरण में जेई के खिलाफ जांच की तो अभी तक इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई पत्र नहीं मिला है।
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- दिव्य रंजन, एक्सईएन विद्युत
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