- बीमारियों से बचाव के लिए सात लाख पशुओं को किया जाएगा सरंक्षित
पशुपालन विभाग ने की तैयारी, ग्राम वार रोस्टर बनाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पशुओं को लाइलाज बीमारी खुरपका और मुंहपका पर नियंत्रण पाने और बीमारी का उन्मूलन करने के लिए जिले को चार लाख नौ हजार टीके मिले हैं। 15 जुलाई से अभियान चलाकर सभी पशुओं को टीका लगाया जाएगा, जिसकी तैयारी में विभाग जुटा है।
बीते साल टीका कम मिलने से सभी पशुओं का टीकाकरण नहीं हो पाया था। हालांकि इस साल 15 जुलाई से अभियान चलाकर सभी पशुओं को टीका लगाया जाएगा। इसकी तैयारी पशुपालन विभाग की ओर से शुरू कर दी गई है। जिले में करीब सात लाख पशु हैं। इन पशुओं को खुरपका और मुंहपका जैसी बीमारी से बचाव का इंतजाम शासन की ओर से शुरू कर दिया गया है।
खुरपका और मुंहपका रोग से पशुओं को बचाने के लिए टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए ग्राम वार रोस्टर बनाया गया है। टीकाकरण से पशुओं की उत्पादन क्षमता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। जबकि पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
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खुरपका और मुंहपका बीमारी के लक्षण
बीमार पशु के मुंह, खुर और थनों में बड़े फफोले पाए जाते हैं। रोग ग्रस्त पशु को 104 से 106 डिग्री तक बुखार हो जाता है। पशु खाना-पीना बंद कर देते है। मुंह से लार बहने लगती है। पशु के मुंह के अंदर, खुरों के बीच और कभी-कभी थनों पर छाले पड़ जाते हैं, जो बाद में घाव का रूप ले लेते हैं। पशु कमजोर भी हो जाते हैं।
पशुओ में होने वाले खुरपका और मुंहपका बीमारी से बचाव के लिए शासन की ओर से चार लाख टीका मिला है। इसके लिए टीम गठित कर 15 जुलाई से अभियान चलाकर टीकाकरण किया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।
- डॉ. यशपाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी