शहर में स्थित दुकान में रखे साउंड। संवाद
संतकबीरनगर। जिले में वायु प्रदूषण ही नहीं ध्वनि प्रदूषण का भी खतरा बढ़ रहा है। दीपावली और छठ पर तेज आवाज में डीजे के शोर ने लोगों को परेशान कर दिया था। अब सहालग में भी ध्वनि प्रदूषण बढ़ेगा। इससे बुजुर्ग, हार्ट के मरीज तथा बच्चों के लिए मुसीबत होगी। हालांकि प्रशासन ने तेज आवाज में डीजे बजाने पर पहले से ही रोक लगाया है।
शहर के मुखलिसपुर चौराहे के समीप डीजे व साउंड की बिक्री तेजी के साथ हो रही है। लोग बड़े-बड़े साउंड खरीद रहे हैं। वहीं डीजे वालों का कहना है कि साउंड जब बड़ा होता है तो आवाज भी बेहतर निकलती है।
खलीलाबाद शहर में जगह-जगह मैरिज हाल खुले हैं। कार्यक्रम होने पर रात में डीजे बजने पर आसपास के लोगों को मुश्किल होती है। रात में दो बजे के बाद तक डीजे बजने से नींद खराब हो रही है। छात्रों को पढ़ने में समस्या हो रही है। कभी-कभी लोग पुलिस से शिकायत करते हैं तो पुलिस भी कुछ खास सक्रिय नहीं होती है।
देर रात तक डीजे बजाना अब एक शौक सा हो गया है। इसकी वजह से आसपास के रहने वालों को कितनी दिक्कत होती है, इससे किसी को मतलब नहीं है। अभी दीपावली और छठ पर्व पर डीजे की तेज आवाज से लोग परेशान हुए थे। इधर सहालग में फिर परेशानी बढ़ेगी।
बुजुर्ग और बच्चों को होती है परेशानी : सबसे ज्यादा परेशानी तो उन बुजुर्ग लोगों को होती है, जिन्हें हृदय संबंधी या फिर मानसिक बीमारी है। वे लोग बेचैन हो उठते हैं। शहर में करीब 40 मैरिज हॉल और लॉन हैं, जहां पर मांगलिक कार्यक्रम होते हैं। कुछ जगहों पर अगल-बगल में तीन से चार मैरिज हॉल हैं, जहां लगन के समय एक साथ कार्यक्रम होते हैं। वहां तेज आवाज में देर रात डीजे बजने से लोग परेशान हो जाते हैं।
नवंबर माह में पांच डीजे संचालकों पर दर्ज हुआ था केस : वर्ष 2023 के नवंबर माह में तेज ध्वनि से डीजे बजाने के मामले में शहर के पांच डीजे संचालकों पर केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने डीजे संचालकों के साथ बैठक कर सिर्फ दो साउंड बजाने की अनुमति दी थी। उसका कुछ दिन पालन हुआ उसके बाद फिर डीजे संचालक मनमानी करने लगे।