- शहर के भिटवा मोहल्ले की दफ्तरी गली में आग से मची अफरातफरी
-साढ़े तीन फीट की संकरी गली में लगी आग बुझाने में फायर ब्रिगेड को उठानी पड़ी कड़ी मशक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर के भिटवा मोहल्ले की दफ्तरी गली में एसी वर्कशॉप में रविवार भोर में शाॅर्ट सर्किट से लगी आग में नकदी समेत लाखों का सामान जलकर नष्ट हो गया। गली संकरी होने से आग बुझाने में फायर ब्रिगेड कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। करीब ढाई घंटे बाद आग बुझाई जा सकी।
भिटवा मोहल्ले की दफ्तरी गली सिर्फ साढ़े तीन फीट की है। गली के अंदर रिहायशी मकान बने हुए हैं। उसी गली में अंबर गुप्ता पुत्र झिनकान का दो मंजिला मकान है। अंबर गुप्ता नीचे के तल में एसी वर्कशॉप चलाते हैं। जबकि ऊपरी मंजिल पर परिवार रहता है। रविवार भोर साढ़े तीन बजे उनके एसी वर्कशॉप में शाॅर्ट सर्किट से आग लग गई। धीरे-धीरे आग फैल कर ऊपरी मंजिल तक पहुंच गई। जलने का दुर्गंध आने पर कमरे में सोए अंबर गुप्ता और उनकी पत्नी को आग लगने की घटना की जानकारी हुई।
किसी तरह दंपती जान बचाकर नीचे उतरे और शोर मचाया। आस पास के लोग जुट गए। सूचना के 45 मिनट बाद फायर बिग्रेड की चार गाडियों के साथ प्रभारी अग्नि शमन अधिकारी अशोक यादव अपने सहयोगी पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। संकरी गली में आग लगने की वजह से से फायर ब्रिगेड की गाडियां घटना स्थल तक नहीं पहुंच पाईं। सड़क पर गाडियां खड़ी करके पाइप बिछा कर फायर कर्मियों ने आग बुझाने की कोशिश शुरु कर दी। करीब ढाई घंटे बाद दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया।
पीड़ित अंबर गुप्ता ने बताया कि आग की घटना में मरम्मत के लिए आए सात एसी, छह फ्रीज, चार वाशिंग मशीन, रिपेयर पार्ट्स और उनके घर का बेड, शोफा, वाशिंग मशीन, फ्रीज, कूलर, कपड़ा और ढाई लाख नकदी जल गया।
नहीं लगा 112 नंबर, फायर स्टेशन पहुंच कर देनी पड़ी सूचना
पीड़ित अंबर गुप्ता ने बताया कि आग की घटना की जानकारी जैसे ही हुई, वैसे ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाने के लिए 112 नंबर पर काल किया, लेकिन नंबर नहीं लगा। बाद में उन्हें औद्योगिक क्षेत्र के फायर स्टेशन जाकर फायर कर्मियों को घटना की जानकारी दी। उसके बाद फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां पहुंची। बरदहिया चौकी इंचार्ज भी मौके पर डटे रहे और फायर कर्मियों ने आग बुझाई।
भतीजी की शादी में जेवरात खरीदने के लिए रखे थे नकदी
पीड़ित अंबर ने बताया कि उसकी भतीजी की तीन महीने बाद शादी है। बड़े भाई ने भतीजी के लिए जेवरात खरीदने की बात की थी। उसी के लिए ढाई लाख नकदी रखे थे ,जो आग में जल गया। पिता झिनकान गुप्ता लहसुन का कारोबार करते हैं।
शहर में संकरी है कई गलियां, आग बुझाने की होगा चुनौती
शहर में कई संकरी गलियां हैं, जहां आग लगने पर बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। वजह साफ है कि उन गलियों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं पहुंच पाएगी।
खलीलाबाद शहर की आबादी करीब एक लाख है। शहर में 25 वार्ड हैं। इनमें कई ऐसे मोहल्ले है, जहां गलियां इस कदर संकरी हैं कि यहां अग्निशमन की गाड़ी नहीं जा सकती है। पूर्व आग की घटनाएं हो चुकी है। इसके बाद भी अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। जनपद मुख्यालय होने की वजह से यहां हर प्रकार की दुकानें और शोरूम खुले है। आग से बचाव के लिए कदम उठाया जाना आवश्यक है, लेकिन अब तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है। वैसे नगर पालिका ने आग बुझाने के लिए चार जगह पर हाईडेंट प्वाइंट बनवाया है। शहर के गोला बाजार, हनुमान गली मंदिर रोड, आजाद चौक, बरदहिया बाजार आदि ऐसे स्थान हैं, जहां पर गलियाें में दुकानें लगती हैं, लेकिन यहां आग से बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं।
शहर में कई मुहल्लों में सड़कें सिकुड गई हैं। इस कारण अग्निशमन की गाड़ी का जा पाना संभव नहीं है। गोला बाजार में जूते की दुकान में आग लगने पर काफी परेशानी उठानी पड़ी थी और नुकसान भी अधिक हुआ था। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका था।
- सर्वदानंद पांडेय, शहरवासी
गोला बाजार और बरदहिया बाजार में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। इस दौरान आग बुझाने में पानी की समस्या उत्पन्न हुई थी। संकरी गलियों में अग्निशमन की गाड़ियां भी नहीं पहुंच पाई थीं।
- रामजी कसौधन, शहरवासी
दफ्तरी गली में लगी आग की घटना में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सड़क पर ही खड़ी रहीं। किसी तरह संकरी गली में पाइप बिछाकर दमकल कर्मियों ने आग बुझाई। लोगों का मकान बनवाने के दौरान भी रास्ते का ध्यान देना चाहिए, ताकि ऐसी आपात स्थिति से निपटने में आसानी हो।
मदन लाल, शहरवासी
शहर में संकरी गलियों के साथ तमाम अस्पताल और मॉल खुल गए हैं। इन जगहों पर आग से बचाव के समूचित इंतजाम किए जाने की जरूरत है, ताकि कोई ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर आग की घटना पर काबू पाना आसान हो। साथ ही हाईडेंट प्वाइंट की भी समय-समय से चेकिंग की जानी जरूरी है।
- अनूप राय
शहर में अगलगी की घटनाएं
- वर्ष 2018 में शहर के गोला बाजार में हनुमान मंदिर गली में एक जूते की दुकान में आग लगी थी। संकरी गली होने की वजह से आग बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।
- छह माह पूर्व बैक चौराहे पर एक मिनी मार्ट में आग लग गई थी, जिसमें काफी नुकसान हुआ था।
- एक साल पूर्व बरदहिया बाजार में कपड़े के गोदाम में आग लग गई थी। जिसमें काफी नुकसान हुआ था।
औद्योगिक क्षेत्र में फायर स्टेशन बना है। विभाग के पास पांच बड़ी और तीन छोटी गाडियां हैं। एक बड़ी गाड़ी धनघटा तहसील में उपलब्ध रहती है, जबकि चार गाडियां जनपद मुख्यालय पर रहती हैं। शहर में मॉल और अस्पताल आदि ने निजी बोरिंग कराकर टोटी की व्यवस्था कर ली है। समय-समय पर इसकी जांच भी की जाती है। आग लगने की सूचना पर तुरंत दमकल की गाड़ियां पहुंच कर आग बुझाती हैं।
अशोक कुमार यादव ,अग्नि शमन अधिकारी
दो साल पहले पूर्ण होना था निर्माण, अभी तक हुआ सिर्फ 30 प्रतिशत काम
संतकबीरनगर। बजट की कमी से धनघटा के सिरसी और मेंहदावल के भरवलिया पांडेय में अग्नि शमन केंद्र का निर्माण अधर में लटक गया है। मई दो 2021 में ही दोनों केंद्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाना था, लेकिन अभी तक सिर्फ 30 प्रतिशत ही काम हो पाया है। मेंहदावल में तो ढाई साल से काम बंद पड़ा है। आग से बचाव के उपाय के नाम पर अधूरे अग्नि शमन केंद्र मूक गवाह है। ऐसी स्थिति में आग लगने पर खतरे ही खतरे हैं।
धनघटा तहसील क्षेत्र के सिरसी में दस अक्तूबर 2019 को पूर्व राज्य मंत्री श्रीराम चौहान ने अग्निशमन केंद्र की आधारशिला रखी थी। 7.20 करोड़ की लागत से इसे मई 2021 तक बनकर तैयार होना था। बजट की कमी से तीन साल तक काम बंद रहा। कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के एक्सईएन एक लाख अहमद ने बताया कि तीन साल तक बजट हीं नहीं मिला। अभी तक सिर्फ स्वीकृत लागत का 40 प्रतिशत की पैसा मिला है। मार्च में ढाई करोड़ का बजट मिला है। अभी तक सिर्फ 30 प्रतिशत ही काम हो पाया है। यदि समय से बजट मिलता तो काम पूरा हो गया होता है। वैसे पूरी कोशिश है कि दिसंबर तक मुख्य भवन पूरा करा दिया जाए।
वर्ष 2019 में ही मेंहदावल ब्लॉक के भरवलिया पांडेय में 9 .27 करोड़ की लागत से अग्निशमन केंद्र का निर्माण शुरू हुआ। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2021 में ही पूर्ण होना था। बजट नहीं मिलने से ढाई साल से काम बंद पड़ा है। नतीजा यह है कि इसकी लागत बढ़ कर 11. 71 करोड़ हो गई। अभी तक सिर्फ 2. 63 करोड़ रुपये कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद को मिला था। कार्यदाई संस्था के एई राम प्रताप ने बताया कि बजट की कमी से ढाई साल से काम बंद है। अभी तक 25 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है। बजट के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन बजट नहीं मिल पा रहा है। जिसकी वजह से काम बंद है।
जनवरी से अब तक घट चुकी है 300 से अधिक आग की घटनाएं
अप्रैल में महुली क्षेत्र के जमीरा गांव के सिवान में आग लगने से राजदेव, पुरुषोत्तम, शंकर, दीनदयाल समेत 30 से अधिक किसानों की 100 बीघा से अधिक गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। आग को बुझाने के लिए जिला मुख्यालय से जब तक फायर बिग्रेड की गाडी पहुंची तब तक सिवान में चारों तरफ राख की ढेर में तब्दील हो गई थी। अप्रैल में ही प्रसादपुर में आग की घटना घटी थी। जिसमें दो किसानों की फसल जल गई थी। रामपुर गांव के पास हाई वोल्टेज तार टूट कर गिरने से जमुना, नंदलाल के खेत से आग शुरू हुई और रामदीन, तारकेश्वर, लालमन, शकुंतला, मुनक्का समेत 28 से अधिक किसानों का 40 बीघा से अधिक गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। मुठही कला गांव के सिवान में जर्जर तार आपस में टकराए तो उसमें से निकली चिंगारी 17 से अधिक किसानों की 50 बीघा से भी अधिक गेहूं की फसल जलाकर राख कर दी। यहां भी दमकल की गाड़ी समय से नहीं पहुंची।
धनघटा के सिरसी और मेंहदावल के भरवलिया पांडेय में बन रहे अग्नि शमन केंद्रों के निर्माण कार्य में तेजी लाए जाने का निर्देश कार्यदाई संस्था को दिए गए है। शासन से दोनों केंद्रों के निर्माण के लिए बजट की मांग की गई है।
- जय प्रकाश, एडीएम
धनघटा के सिरसी और मेंहदावल के भरवलिया पांडेय में निर्माणाधीन अग्नि शमन केंद्रों का खुद निरीक्षण किए थे। दोनों जगह कार्य तेजी के साथ कराए जाने के लिए कार्यदाई संस्था से वार्ता की गई है। बजट के लिए डीएम के स्तर से शासन में पत्राचार हुआ है। मुख्यमंत्री की पांच वर्ष की कार्य योजना में प्रदेश के 851 ब्लॉकों में अग्नि शमन केंद्रों का निर्माण कराया जाना है। उसी के तहत जिले में पौली, नाथनगर, बघौली, सेमरियावां,बेलहर कला और सांथा में फायर स्टेशन बनाया जाना प्रस्तावित है।
सत्यजीत गुप्ता,एसपी