संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। खलीलाबाद कोतवाली के पूर्व प्रभारी पंकज कुमार पांडेय के खिलाफ जमीन विवाद के मामले में कार्रवाई न करने पर प्राथमिकी दर्ज हुई है। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट के आदेश पर पुलिस ने कार्रवाई की है।
पंकज कुमार पांडेय कुशीनगर के कसया क्षेत्र के रमवलिया गांव के निवासी हैं। क्षेत्र के चकमदारुल्लाह उर्फ मलोरना गांव में वर्ष 2025 में जमीन विवाद का मामला हुआ था। कोतवाल पर आरोप था कि वह जांच के लिए पीड़ित को गैर कानूनी रूप से बुलाते थे और उन्होंने अपनी ड्यूटी पूरी नहीं की। इसके बाद पीड़िता ने कोर्ट में गुहार लगाई।
न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट को दिए अपने प्रत्यावेदन में पीड़िता दासी देवी निवासी चकमदारुल्लाह उर्फ मलोरना ने बताया कि वह अनुसूचित जाति की महिला हैं।
एक अगस्त 2025 को वह दिन में लगभग 10:00 बजे अपने धान के खेत में घास निकालने गई थीं। खेत के बगल में गांव के श्रीराम यादव तथा उनकी पत्नी देवंता देवी खेत में मौजूद थे और घास निकाल रहे थे। उनके खेत की मेड़ कटी थी।
दासी देवी के खेत से पानी श्रीराम यादव के खेत में बह रहा था। पूछताछ करने पर दंपती भड़क गए और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां देकर अपमानित करने लगे। विरोध करने पर काफी मारापीटा और खुरपी से प्रहार कर दिया, जिससे उनकी अंगुली कट गई और गले में मंगलसूत्र भी छीन लिया। खेत के दूसरे छोर पर काम कर रहे पीड़िता के बेटे और पति ने आकर बीच-बचाव किया। इसके बाद उनकी जान बची। इसके बाद कोतवाली जाकर कोतवाल पंकज कुमार पांडेय को तहरीर देकर विपक्षियों पर कार्रवाई करने व मेडिकल कराने की मांग की।
इस पर कोतवाल ने जांच कराने की बात कहकर वापस भेज दिया। वापस थाने पर जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं की। कोतवाल जय प्रकाश दूबे ने बताया कि न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट के आदेश पर मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई : पीड़िता के अनुसार कोतवाली में आरोपियों पर कार्रवाई न होने से उसने उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत की। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई और प्राथमिकी दर्ज कराने में हीलाहवाली की गई। उनके द्वारा लोक सेवक के कर्तव्य की उपेक्षा की गई। कोतवाल ने उनके कानूनी अधिकार को छीनकर मानसिक रूप से क्षति पहुंचाकर आरोपियों को दंड से बचाने का पूरा प्रयास किया, जो गंभीर अपराध है। उन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन नहीं किया।