संतकबीरनगर। डीएम आलोक कुमार ने ग्राम पंचायत बढ़या माफी के प्रधान अर्जुन प्रसाद के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कार्रवाई मनरेगा और पंचम/15वें वित्त आयोग की योजनाओं में अनियमितताओं के प्रथम दृष्टया प्रमाणित होने के बाद की गई है।
जांच में सामने आया कि 13 परियोजनाओं में करीब 30,89,446 की वित्तीय अनियमितता पाई गई, जबकि पांच परियोजनाओं में 7,68,696 की वसूली प्रस्तावित की गई है। जांच रिपोर्ट में कई कार्यों में घटिया निर्माण, फर्जी माप पुस्तिका, गलत स्थान पर कार्य, और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी जैसी गंभीर खामियां उजागर हुई हैं।
सेमरियांवा ब्लॉक स्थित बढ़या माफी ग्राम पंचायत में जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई परियोजनाएं ग्राम पंचायत की सीमा से बाहर कराई गईं, जबकि अभिलेखों में उन्हें स्वीकृत दिखाया गया। इससे करोड़ों की योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच में ग्राम प्रधान के साथ-साथ ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और कंसल्टिंग इंजीनियर को भी दोषी पाया गया है। इसके चलते संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
डीएम आलोक कुमार ने प्रधान के सभी अधिकारों पर रोक लगा दी है। साथ ही अंतिम जांच के लिए जिला विकास अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
इसके अलावा, उपायुक्त श्रम रोजगार को तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, जबकि जिला पंचायतराज अधिकारी को ग्राम पंचायत सचिव और संबंधित इंजीनियर पर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया है।