धनघटा थाने के गेट पर प्रदर्शन करते मुठही खुर्द गांव के मनरेगा मजदूर।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
संतकबीरनगर जिले के धनघटा विकास खंड पौली के ग्राम पंचायत मुठही खुर्द में शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे मनरेगा कार्यों की जांच करने पहुंचे एडीओ पंचायत और सचिव के सामने प्रधान और पूर्व प्रधान के बीच मारपीट हुई। मारपीट होता देख अधिकारी बिना जांच किए ही चले गए। वहीं, पूर्व प्रधान पर मारने-पीटने का आरोप लगाते हुए मनरेगा मजदूरों ने देर शाम थाने पर प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की।
ग्राम प्रधान उपेंद्र सिंह का आरोप है कि पूर्व प्रधान संतराम शर्मा बिना कार्य कराए ही फाइल लगाकर पूर्व में कार्य कराना दिखाकर भुगतान के प्रयास में थे। जिसकी जानकारी हुई तो इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई। सीडीओ और डीपीआरओ के निर्देश पर शुक्रवार की शाम एडीओ पंचायत राधेश्याम चौधरी और ग्राम पंचायत अधिकारी पिंटू यादव जांच करने पहुंचे।
जिस कार्य को कराने की बात कहकर पूर्व प्रधान भुगतान के प्रयास में हैं, उस सड़क पर कार्य नहीं कराये जाने की बात मनरेगा मजदूरों ने जांच अधिकारियों को बताया। इस बात से नाराज होकर पूर्व प्रधान और उनके भाई मजदूरों को मारने-पीटने लगे। प्रधान ने कहा कि जब मजदूरों को बचाने का प्रयास किए तो संतराम शर्मा अपने परिजनों के साथ उनको मारपीट कर घायल कर दिए।
वहीं, पूर्व प्रधान संतराम शर्मा का आरोप है कि पूर्व में कराए गए विकास कार्यों का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। भुगतान के लिए फाइल ब्लॉक में लंबित है। प्रधान उपेंद्र सिंह उस कार्य का भुगतान खुद कराने के प्रयास में थे।
जिसकी जांच करने एडीओ पंचायत पहुंचे तो प्रधान, उनके समर्थक और उनके भाई उन्हें मारपीट कर घायल कर दिए। पूर्व प्रधान का आरोप है कि जिन लोगों को थाने पर ले जाकर प्रधान उकसा रहे हैं, वह लोग प्रधान के समर्थक हैं। मजदूरों के साथ मारपीट किए जाने की बात बेबुनियाद है।
इस संबंध में एसओ केडी सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को मारने-पीटने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। जिसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।