सेमरियावां। फरवरी के शुरुआत में ही मौसम की तल्खी बढ़ने से किसानों चिंतित हैं। रबी फसल के लिए इस माह में अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री होनी चाहिए, जबकि तीन दिनों से तापमान 27 डिग्री या उससे ऊपर तक पहुंच गया है। तेज धूप के साथ चल रही पछुआ
हवा से खेत की नमी सूखने लगी है। इसके कारण रबी की मुख्य फसल गेहूं, दलहनी और तिलहनी फसलों का विकास प्रभावित हो रहा है। मौसम की तल्खी ऐसे बनी रही तो गेहूं के दाने का आकार छोटा होने की संभावना है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।
सेमरियावां क्षेत्र के करही, दानोकुइयां, रकसादेवई, देवरिया नासिर, कोहरियावां, बाघनगर, सेहुड़ा, बुढ़ाननगर, महुआरी, उपधी, मूड़ाडीहाखुर्द, बन्नी, कोइलसा, दुधारा, सालेहपुर, अगया, दरियाबाद आदि गांवों में रबी की मुख्य फसल गेहूं की बुवाई की जाती है। माघ में जिस कदर मौसम की तल्खी बढ़ी है, उससे उत्पादन पर असर पड़ना किसान तय मान रहे हैं।
किसान इजहार अहमद, एजाज अहमद, राजेंद्र प्रसाद, अकबर अली, महमूद अहमद, जमील अहमद, महबूब अहमद, अली अहमद, मौलाना अकरम आदि किसानों ने बताया कि बारिश न होने से गेहूं के साथ दलहनी और तिलहनी फसलों में दाने पतले लग रहे हैं।
खेतों की नमी खत्म हो रही है। बढ़ते तापमान और पछुआ हवा से गेहूं के खेतों की नमी सूख रही है।