धनघटा। क्षेत्र के सरकारी गोदामों पर डीएपी व गेहूं के बीज गायब है। किसान सरकारी गोदामों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। जिम्मेदार अधिकारी खाद व बीज की समस्या के प्रति बेपरवाह हैं। हैंसर व पौली क्षेत्र में खाद व बीज की किल्लत से किसानों चिंता बढ़ती जा रही है।
शनिवार को कृषि बीज गोदाम हैंसर में ताला बंद रहा। क्षेत्र के दर्जनों किसान कृषि बीज भंडार हैंसर में पूरे दिन जमे रहे। हैंसर ब्लाॅक की सभी साधन सहकारी समितियों पर खाद व बीज की किल्लत है। डीएपी व बीज की कमी से रबी की बुआई प्रभावित हो रही है। समितियों के गोदामों पर ताले लटके हैं। खाद न मिलने से किसान परेशान हैं। सचिव भी किसानों की नाराजगी से बचने के लिए गोदामों से नदारद हैं। इससे किसानों का भारी नुकसान हो रहा है।
कोचरी, छपरा मगरवी, डिहवा, तामा, बभनौली आदि समितियों पर डीएपी और यूरिया का की किल्लत है। गोदामों पर सन्नाटा है और किसान सुबह से शाम तक खाद के इंतजार में बैठने को मजबूर हैं। मजबूरन, किसान 1350 रुपये की डीएपी बाजार से 1700 रुपये तक खरीद रहे हैं। जबकि, खुले बाजार में दुकानदार ऊंचे दाम लेकर खूब मुनाफा कमा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कृषि विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
कोचरी समिति के किसान भोलू कुमार ने बताया कि सीजन में केवल दो-तीन बार ही खाद आई। प्रभावशाली लोगों ने 5-10 बोरी उठाकर ले गए और छोटे किसानों को एक बोरी भी नहीं मिल सकी। अब महंगी डीएपी खरीदने की मजबूरी है। इससे बुआई पिछड़ रही है। इसी तरह किसान विद्या पांडेय ने बताया कि सचिव खाद न मिलने पर गोदाम बंद कर इधर-उधर गायब रहते हैं। कई गांवों के किसान बाजार से महंगे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सचिव रात में मनमाने ढंग से खाद बांटकर अतिरिक्त पैसे वसूल रहे हैं। उन्होंने सभी गोदामों की जांच कराने की मांग की। शनिवार को हैंसर बाजार राजकीय कृषि बीज भंडार पर बीज के लिए आए किसान राम नौकर, सुरेश, रामचेत, रघुवर, सुभाषचंद्र आदि ने बताया कि बीज के लिए सुबह-शाम ही गोदाम पर आ गए लेकिन दोपहर के एक बज रहे हैं। अब तक गोदाम पर ताला लगा हुआ है।
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खाद व बीज की किल्लत को देखते हुए इसकी जानकारी की जाएगी। जहां खाद व बीज उपलब्ध नहीं है, वहां संबंधित विभाग को जानकारी दी जाएगी। जिससे कि किसानों को परेशानी न हो। -डॉ. सुनील कुमार, एसडीएम धनघटा